कथन
Will the Minister of EDUCATION be pleased to state: (a) the manner in which the Government is ensuring that rural, tribal, inaccessible hilly and remote forest areas in the country including Jammu and Kashmir, Jharkhand, Chhattisgarh and particularly Palghar District in Maharashtra receive adequate central support to integrate three years of pre-primary education into the new Foundational Stage; (b) the strategy adopted by the Government to make mandatory/compulsory use of the mother tongue/local/regional languages as the medium of instruction till Class-5 in the country particularly Maithili in Mithila region; (c) the manner in which mandatory/compulsory use of the mother tongue/local/regional language is likely to balance with the need for multi- lingual proficiency in the middle and secondary levels; (d) whether the Government has finalised the mechanism for the new Board Examinations which are to be conducted twice a year; and (e) if so, the details of provisions made to reduce student stress while maintaining academic standards in the country particularly in Dewas- 08.12.2025 65 Shajapur, Lok Sabha Constituency in Madhya Pradesh? िश±ा मंýालय म¤ राºय मंýी; तथा उ°र पूवê ±ेý िवकास मंýालय म¤ राºय मंýी (डॉ. सुकाÆत मजूमदार): (क) से (ङ): िववरण सभा पटल पर रख िदया गया है। िववरण (क): राÕůीय िश±ा नीित (एनईपी) 2020 म¤, पहली बार 3 वषª के ÿी-Öकूल (बालवािटका) को 5+3+3+4 संरचना म¤ िश±ा कì िनरंतरता के łप म¤ माÆयता दी गई है, िजसम¤ ÿी-Öकूल और úेड 1 और úेड 2 का 3 वषª का बुिनयादी चरण है। Öकूल िश±ा िवभाग (डीओएसई एंड एल), िश±ा मंýालय (एमओई) ने योजनाओं/कायªøमŌ/पहलŌ के माÅयम से यह सुिनिIJत िकया है िक जÌमू और कÔमीर, झारखंड, छ°ीसगढ़ और महाराÕů (पालघर िजले सिहत) सिहत राºयŌ और संघ राºय ±ेýŌ (यूटी) को तीन वषª कì ÿी-ÿाइमरी िश±ा को नई बुिनयादी चरण (एफएस) म¤ एकìकृत करने के िलए पयाªĮ क¤þीय सहायता ÿाĮ हो सके। जैसािक एनईपी 2020 म¤ पåरकÐपना कì गई है, úेड 2 के अंत तक सावªभौिमक बुिनयादी सा±रता और सं´या²ान (एफएलएन) ÿाĮ करने के िलए, िनपुण भारत िमशन नामक एक राÕůीय िमशन शुł िकया गया है। िनपुण भारत िमशन : यह सुिनिIJत करने के िलए िक देश का ÿÂयेक ब¸चा úेड 2 के अंत तक आवÔयक łप से एफएलएन ÿाĮ कर ल¤, "समझ और सं´या²ान के साथ पठन म¤ ÿवीणता के िलए राÕůीय पहल (िनपुण भारत)" नामक एक ÿमुख राÕůीय िमशन, 5 जुलाई, 2021 को शुł िकया गया था। इस िमशन कì Öथापना समú िश±ा के तÂवावधान म¤ कì गई है। सभी 36 राºय/संघ राºय ±ेý िनपुण-भारत िमशन (एनबीएम) का कायाªÆवयन कर रहे ह§। एनबीएम के तहत िनÌनिलिखत घटकŌ के िलए िव°ीय मानदंडŌ का ÿावधान िकया गया है: ÿी-Öकूल िश±ा/सह-िÖथत आंगनवाड़ी क¤þŌ (आवतê और अनावतê) को सहायता नवाचारी िश±णशाľ के कायाªÆवयन के िलए िश±ण अिधगम सामúी िश±क संसाधन सामúी/कायªकलाप पुिÖतका 08.12.2025 66 úेड I और II के िश±कŌ का ±मता िनमाªण छाýŌ का Öवतंý, आविधक और समú मूÐयांकन राºय और िजला Öतर पर पåरयोजना ÿबंधन इकाई (पीएमयू) का िनमाªण ÿी-Öकूल (बालवािटका) को बुिनयादी चरण म¤ एकìकृत करने के िलए, िनÌनिलिखत ÿगित हòई है: एनसीएफ़-एफ़एस: बुिनयादी चरण के िलए राÕůीय पाठ्यचयाª łपरेखा (एनसीएफ-एफएस) 20 अ³टूबर, 2022 को जारी िकया गया था, जो पाठ्यøम, िश±कŌ के ÿिश±ण, अिधगम िश±ण सामúी (एलटीएम) आिद के िलए एक संरचना ÿदान करता है। यह भारत म¤ 3-8 वषª कì आयु के ब¸चŌ के िलए पहला एकìकृत पाठ्यøम łपरेखा है। िवīा ÿवेश: úेड-I के िलए 'िवīा ÿवेश' नाम से 3 महीने के खेल आधाåरत 'Öकूल तैयारी मॉड्यूल और िदशािनद¥श' 29 जुलाई, 2021 को शुł िकया गया था। िवīा ÿवेश कायªøम का लàय िविभÆन पृķभूिमयŌ (बालवािटका, आंगनवाड़ी क¤þŌ (एडÊÐयूसी), घर पर, िनजी खेल ÖकूलŌ आिद) से úेड-I म¤ आने वाले सभी ब¸चŌ म¤ Öकूल कì तैयारी को बढ़ावा देना है, तािक ब¸चŌ को úेड-I म¤ सुचाł łप से पåरवितªत िकया जा सके। यह कायªøम जÌमू और कÔमीर, झारखंड, छ°ीसगढ़ और महाराÕů सिहत पूरे देश म¤ कायाªिÆवत िकया गया है। िवīा ÿवेश मॉड्यूल से लाभाथê छाýŌ कì सं´या नीचे तािलका म¤ दी गई है: राºय लाभाथê छाý 2022-23 2023-24 2024-25 जÌमू और कÔमीर 1,34,249 1,30,640 1,19,160 झारखंड 13,00,000 5,52,263 5,70,745 छ°ीसगढ़ 2,59,165 3,19,918 2,98,632 महाराÕů 13,84,131 11,03,339 10,78,720 भारत (सभी राºय और संघ राºय ±ेý) 1,80,13,930 1,13,60,923 1,29,06,518 08.12.2025 67 आंगनवाड़ी क¤þŌ कì सह-अविÖथित (एडबÐयूसी): एनईपी 2020 म¤ यथा पåरकिÐपत, उ¸च गुणव°ापूणª ÿारंिभक बाÐयावÖथा देखभाल और िश±ा तक सावªभौिमक पहòंच सुिनिIJत करने के िलए मॉडलŌ म¤ से एक मॉडल म¤ úेड 1 वाले आंगनवाड़ी सह-िÖथत Öकूल ह§। इस संबंध म¤, Öकूल िश±ा और सा±रता िवभाग, िश±ा मंýालय ने मिहला और बाल िवकास मंýालय के सहयोग से 3 िसतंबर, 2025 को "ÖकूलŌ के साथ आंगनवाड़ी क¤þŌ (एडÊÐयूसी) कì सह-अविÖथित के िलए िदशािनद¥श" जारी िकए ह§। यूडाइस+ 2024-25 के अनुसार, úेड-I वाले ÖकूलŌ म¤ 2,99,546 सह-िÖथत आंगनवाड़ी क¤þ ह§। राºय-वार िववरण blob:https://udiseplus.gov.in/709af9f3-e9b0-47c0-ab8f-5345bed073ce (तािलका 3.7) पर उपलÊध ह§। पीएम-पोषण के तहत बालवािटका के छाý भी शािमल ह§। (ख) और (ग): िश±ा भारतीय संिवधान कì समवतê सूची म¤ है और अिधकांश Öकूल राºय सरकार और संघ राºय ±ेý ÿशासन के ±ेýािधकार म¤ आते ह§। एनईपी 2020 के पैरा 4.13 के अनुसार, “िý- भाषा सूý संवैधािनक ÿावधानŌ, लोगŌ, ±ेýŌ और संघ कì आकां±ाओं, और बहòभािषकता के संवधªन के साथ-साथ देश कì एकता को बढ़ावा देने कì ज़łरत को Åयान म¤ रखते हòए इसका कायाªÆवयन िकया जाता रहेगा। हालांिक, िý-भाषा सूý म¤ और अिधक लोचशीलता होगी, और िकसी भी राºय पर कोई भाषा थोपी नहé जाएगी। ब¸चŌ Ĭारा सीखी जाने वाली तीन भाषाएँ राºयŌ, ±ेýŌ और Öवयं छाýŌ कì Łिच हŌगी, बशत¥ िक तीन म¤ से कम से कम दो भाषाएँ भारत कì हŌ। िवशेष łप से, जो छाý अपनी पढ़ाई को तीन भाषाओं म¤ से एक या एक से अिधक बदलना चाहते ह§, वे úेड 6 या 7 म¤ ऐसा कर सकते ह§, बशत¥ िक वे माÅयिमक Öकूल के अंत तक तीन भाषाओं (सािहिÂयक Öतर पर भारत कì एक भाषा सिहत) म¤ बुिनयादी ÿवीणता का ÿदशªन कर सक¤।” सरकार कì नीित सभी भारतीय भाषाओं के संवधªन कì है। एनईपी, 2020 बहòभािषकता को बढ़ावा देने और भारतीय भाषाओं को जीवंत बनाए रखने के ÿयासŌ पर बहòत अिधक बल देता है। एनईपी 2020 म¤ उिÐलिखत है िक जहां भी संभव होगा, Æयूनतम क±ा 5 तक और अिधमानतः क±ा 08.12.2025 68 8 तक िश±ा का माÅयम घरेलू भाषा/मातृभाषा/Öथानीय भाषा/±ेýीय भाषा होगी। नीित म¤ इस बात पर जोर िदया गया है िक िश±ण उनकì घरेलू भाषा/Öथानीय भाषा/±ेýीय भाषा म¤ होना चािहए और भारतीय भाषाओं के अिधगम को Öकूल िश±ा के साथ एकìकृत िकया जाना चािहए तािक छाýŌ के पास िकसी भी भारतीय भाषा म¤ अÅययन करने का िवकÐप हो। एनईपी, 2020 के अनुवतê के łप म¤, Öकूल िश±ा के िलए राÕůीय पाठ्यचयाª łपरेखा (एनसीएफ-एसई) 2023 जुलाई 2023 म¤ शुł कì गई थी और भारतीय भाषाओं के संवधªन हेतु Öकूल िश±ा के ±ेý म¤ िनÌनिलिखत पहल¤ कì गई ह§: (i) एनसीईआरटी ने क±ा 1 से 3 और 6 के िलए मैिथली भाषा सिहत 22 अनुसूिचत भाषाओं म¤ पाठ्यपुÖतक¤ िवकिसत और ÿकािशत कì ह§। पाठ्यपुÖतक¤ राÕůीय शैि±क अनुसंधान एवं ÿिश±ण पåरषद कì वेबसाइट https://ncert.nic.in. पर उपलÊध ह§। (ii) जादुई िपटारा (जेपी), जो 3-8 वषª कì आयु के िलए 53 खेल-आधाåरत अिधगम-िश±ण सामúी का एक सेट है, 20 फरवरी 2023 को ÿारंभ िकया गया था। जादुई िपटारा म¤ 22 भारतीय भाषाओं (मैिथली सिहत) और अंúेजी म¤ उपलÊध, िखलौने, पहेिलयाँ, कहानी काडª, Éलैशकाडª और िश±क ह§डबुक शािमल ह§। इसका िडिजटल िवÖतार, ई-जादुई िपटारा, जो 10 फरवरी 2024 को ÿारंभ िकया गया, ब¸चŌ, िश±कŌ और अिभभावकŌ को सहयोग देने के िलए 22 भारतीय भाषाओं (मैिथली सिहत) म¤ बहòभाषी कहािनयां, कायªकलाप, गीत और एआई-आधाåरत बॉट-कथा सखी, िश±क तारा और अिभभावक तारा ÿदान करता है। एनईपी 2020 म¤ यथा पåरकिÐपत, ये पहल बुिनयादी चरण का एक अिभÆन अंग ह§। (iii) ÿाइमसª (माचª, 2024 म¤ ÿारंभ) को Æयूनतम 10,000 कì आबादी Ĭारा बोली जाने वाली मातृभाषाओं म¤ एफएलएन के िलए 121 Öथानीय भाषाओं (मैिथली सिहत) म¤ तैयार िकया गया है। ÿाइमर https://ncert.nic.in/primers.php?ln=en पर उपलÊध ह§। (iv) िश±ा मंýालय ने भाषा संगम के कायªøम के माÅयम से सभी भारतीय भाषाओं के संवधªन हेतु एक राÕůÓयापी कायªøम शुł िकया। Öकूल म¤ ब¸चे ऑिडयो और वीिडयो कì सहायता 08.12.2025 69 से 22 अनुसूिचत भाषाओं (मैिथली सिहत) म¤ 100 वा³य सीखते ह§। देशभर के Öकूल इसम¤ भाग ले रहे ह§ और भारतीय भाषाओं को सीख रहे ह§। पाठ्यपुÖतक से संबंिधत और ऑिडयो- वीिडयो दोनŌ सामúी https://ncert.nic.in/bs-2021.php पर दी±ा पोटªल पर उपलÊध ह§। (v) राÕůीय ई-पुÖतकालय ब¸चŌ और िकशोरŌ को िविभÆन भौगोिलक ±ेýŌ, भाषाओं, शैिलयŌ और शैि±क ÖतरŌ तक पहòंच सुिनिIJत करके गुणव°ापूणª पुÖतक¤ ÿदान करता है। यह मंच 23 भाषाओं म¤ 5,000+ गैर-शै±िणक पुÖतक¤ ÿदान करता है, िजससे उपयोगकताªओं के िलए संसाधनŌ कì एक िवÖतृत ®ृंखला उपलÊध होती है। (vi) पीएम ई-िवīा पहल का िवÖतार "एक राÕů, एक िडिजटल Èलेटफॉमª" के ŀिĶकोण के साथ 200 डीटीएच टीवी चैनलŌ तक हो गया है, जो िविभÆन 128 भारतीय भाषाओं और 7 िवदेशी भाषाओं म¤ úामीण ±ेý कì पहòंच और समावेिशता को बढ़ाते हòए पाठ्यøम-के अनुłप सामúी ÿदान करता है। (vii) केÆþीय माÅयिमक िश±ा बोडª (सीबीएसई) ने बुिनयादी Öतर और ÿारंिभक Öतर पर भी िश±ा के माÅयम के łप म¤ ब¸चŌ कì घरेलू भाषा, मातृभाषा या मैिथली सिहत िकसी पåरिचत ±ेýीय भाषा का उपयोग करने का ÿावधान िकया है। िदनांक 22.05.2025 कì अिधसूचना https://cbseacademic.nic.in/web_material/Circulars/2025/30_Circular_ 2025.pdf पर उपलÊध है। (घ) और (ङ): सीबीएसई ने 2026 से xवé क±ा म¤ दो बोडª परी±ाओं और िदनांक 25.06.2025 को अपनी अिधसूचना के माÅयम से इसके कायªतंý को अिधसूिचत िकया है। अिधसूचना https://www.cbse.gov.in/cbsenew/documents/Notification_Two_Board_Examin ations_Class_X_2026_25062025.pdf पर उपलÊध है। सीबीएसई का मु´य दाियÂव IXवé और XIवé क±ा म¤ अËयिथªयŌ को पंजीकृत करना और अपने संबĦ ÖकूलŌ के िलए वािषªक IXवé और XIIवé क±ा कì परी±ाएं आयोिजत आयोिजत करना है। इसके अितåरĉ, केÆþीय माÅयिमक 08.12.2025 70 िश±ा बोडª वतªमान और भिवÕय कì चुनौितयŌ का सामना करने के िलए छाýŌ को समथª बनाने हेतु परी±ा और मूÐयांकन पĦितयŌ म¤ सुधार करता है। वषª म¤ दो बार बोडª परी±ाएं आयोिजत करने सिहत हाल के सुधारŌ को एनईपी 2020 के साथ अनुłप बनाया गया है, िजसका उĥेÔय हाइ-Öटेक वाले परी±ा के दबाव को कम करना और रट कर याद करने कì तुलना म¤ लोचशीलता और कायªिनवाªह ±मता-आधाåरत अिधगम को बढ़ावा देना है। ®ी मह¤þ िसंह सोलंकì : सभापित महोदया, म§ सबसे पहले देश के आदरणीय ÿधानमंýी ®ी नरेÆþ मोदी जी के ÿित अपना आभार Óय³त कłंगा िक उÆहŌने देश म¤ ऐसे ब¸चŌ कì िचंता कì जो परी±ा को लेकर बड़े तनाव म¤ रहते थे । उÆहŌने न केवल नेशनल एजुकेशन पॉिलसी, 2020 को लागू िकया, बिÐक परी±ा पर चचाª के नाम पर चचाª करके उन ब¸चŌ पर से उनके तनाव और ट¤शन को कम करने का भी काम िकया है । मेरा पहला ÿÔन यह है िक ³या नेशनल एजुकेशन पॉिलसी, 2020 के अनुसार िý-भाषा सूý का उपयोग सरकारी िवīालयŌ म¤ होने लगा है, िवशेषकर मÅयÿदेश और मÅयÿदेश के देवास-शाजापुर लोक सभा ±ेý म¤ इसका उपयोग हो रहा है या नहé? डॉ. सुकाÆत मजूमदार : महोदया, माननीय सदÖय ने बहòत इÌपोट¦ट ³वेÔचन पूछा है । नेशनल एजुकेशन पॉिलसी (एनईपी), 2020 का जो मूलभूत आधार है, उसम¤ एक महÂवपूणª आधार मÐटीिलंगुअिलºम है यानी एक या दो से ºयादा भाषाओं को सीखना । हमने उसके Ĭारा बहòत सारे ÖटेÈस िलए ह§ । म§ आपके माÅयम से माननीय सदÖयŌ को अवगत कराना चाहता हóं िक एनईपी म¤ Ňी ल§μवेज फॉमूªला िदया गया है यानी एक ब¸चा अपनी मातृभाषा म¤ पढ़े, उसके बाद वह कोई एक भारतीय भाषा म¤ पढ़े और उसके साथ-साथ अंúेजी भी सीखे । सबसे ºयादा ůेस मातृभाषा के ऊपर िदया गया है । तिमलनाडु का ब¸चा तिमल म¤ पढ़े, बंगाल का ब¸चा बंगाली म¤ पढ़े । इस तरीके के ÖटेÈस िलए गए ह§ । इसके िलए हमारी सरकार ने आदरणीय मोदी जी के नेतृÂव म¤ बहòत सारे ÖटेÈस िलए ह§ । एनसीईआरटी कì जो बु³स ह§, उनको 22 भारतीय भाषाओं म¤ िÿंट िकया गया है । हम िजन िकताबŌ को ÿाइमर बोलते ह§, भारत म¤ लगभग 121 ल§μवेजेज म¤ उन िकताबŌ को छापा गया है, िजसके Ĭारा ब¸चा अपनी मातृभाषा म¤, लोकल ल§μवेज म¤ पढ़े, तािक जो शेड्यूल ल§μवेज से भी बाहर है, उसम¤ 08.12.2025 71 वह ÿाइमर को पढ़ पाए, इस तरह के ÖटेÈस िलए गए ह§ । उसके साथ-साथ जो ‘पीएम ई-िवīा’ है, उसम¤ भी मातृभाषा म¤ या जो ‘दी±ा’ Èलेटफॉमª है, उस Èलेटफामª के माÅयम से भी मातृभाषा के ऊपर ºयादा जोर िदया जा रहा है िक ब¸चा अपनी मातृभाषा म¤ पढ़े । मÅय ÿदेश एनईपी का िहÖसा है । उÆहŌने इसे साइन िकया है, इसिलए वहां Ňी ल§μवेज फॉमूªला लागू होगा । ®ी मह¤þ िसंह सोलंकì : महोदया, मेरा दूसरा ÿÔन यह है िक आज कल िवīालय म¤ न केवल िवīाथê तनाव म¤ ह§, बिÐक िश±क भी तनाव म¤ रहते ह§ । ³या आपके पास ऐसी कोई कायª योजना है, िजसके अंतगªत सरकारी िवīालयŌ एवं ÿाइवेट िवīालयŌ म¤ िवīाथê और िश±कŌ के तनाव को कम करने के िलए िकसी ÿकार का कोई ÿावधान िकया गया हो? डॉ. सुकाÆत मजूमदार : महोदया, म§ आपके माÅयम से माननीय सदÖय को बताना चाहता हóं िक ब¸चे के ऊपर से ÿेशर को हटाने के िलए इस बार से ³लास 10 का जो एμजाम आ रहा है, उसम¤ सीबीएसई ने कुछ नए ÿावधान िकए ह§ । ब¸चे साल म¤ दो बार एμजाम दे पाएंगे । वे बोडª के एμजाम म¤ दो बार बैठ पाएंगे । उनके ऊपर जो ÿेशर है, िजसके बारे म¤ हम सब कंसनª ह§, हमारे घर म¤ भी ब¸चे ह§, Öटूड¤ट्स ह§, िजनको एμजाम देना पड़ता है, उनके ऊपर जो मानिसक ÿेशर या मानिसक तनाव है, वह तनाव कम हो, इसके िलए साल म¤ दो बार एμजाम होगा । ब¸चे के एμजाम देने के बाद, िजसम¤ ºयादा नंबर आएंगे, मान लीिजए िकसी को सोशल साइंस म¤ पहले ůायल म¤ 66 नंबर िमले ह§, दूसरे ůायल म¤ 76 नंबर िमले ह§ तो सीबीएसई Ĭारा उसे 76 नंबर िदए जाएंगे । ब¸चŌ के अंदर परी±ा का जो ÿेशर होता है िक मेरा एक एμजाम थोड़ा खराब हो गया, तो मेरा सब कुछ गड़बड़ा जाएगा तो मुझे लगता है िक ब¸चे उस ÿेशर से बाहर िनकल पाएंगे । हमने टीचसª और Öटूड¤ट्स के िलए भी ‘मनोदपªण’ पहल कì ÓयवÖथा कì है । हमने उस मनोदपªण पहल के Ĭारा टीचसª और Öटूड¤ट्स के ÿेशर को हटाने के िलए ÓयवÖथा कì है । उस इंटरफेस म¤ Öटूड¤ट्स एवं टीचसª दोनŌ अपने ÿेशर को कम कर सकते ह§ । ®ी जुगल िकशोर : महोदया, केÆþ सरकार ने राÕůीय िश±ा नीित म¤ ÖपÕट िकया है िक ±ेýीय भाषाओं को पाठ्यøम म¤ लाया जाए और ±ेýीय व Öथानीय भाषा को बढ़ावा िदया जाए । उस संबंध 08.12.2025 72 म¤ म§ कहना चाहता हóं िक जÌमू कÔमीर कì सरकार इस ओर कम Åयान दे रही है । 11.59 hrs (Hon. Speaker in the Chair) इसिलए म§ मंýी जी से यह जानना चाहता हóं िक जÌमू ±ेý कì Öथानीय भाषा डोगरी को बढ़ावा देने के िलए, इसे आगे लाने के िलए गुणवÂतापूणª पाठ्य सामúी, िश±ण परी±ण, िडिजटल सामúी हेतु एनसीईआरटी, एससीईआरटी को ³या कोई सहयोग आपकì तरफ से रहेगा? एनसीईआरटी डोगरी भाषा को बढ़ावा देने के िलए इस संबंध म¤ ³या कोई कदम उठा रही है? 12.00 hrs डॉ. सुकाÆत मजूमदार : आदरणीय अÅय± महोदय, जैसा म§ने पहले ही बताया िक हम Æयू एजुकेशन पॉिलसी के तहत मातृभाषा म¤ िश±ा के ऊपर सबसे ºयादा जोर दे रहे ह§ । हमने जैसे बताया िक इसके तहत हमने 121 ल§μवेजेज़ म¤ जो ÿाइमरी, जो लोकल भाषा है, उसम¤ इसको तैयार िकया । एनसीईआरटी बु³स भी 22 शेड्यूÐड ल§μवेजेज़ म¤ तैयार हो चुकì ह§ । उसके साथ-साथ डीटीएच टीवी चैनल के Ĭारा मातृभाषाओं म¤ पढ़ाने का जो िसÖटम है, उसको चालू िकया जा रहा है, िजससे ब¸चा क±ा पांच तक मातृभाषा म¤ पढ़े । िÿफरेबली क±ा आठ तक जो मोड ऑफ इंÖů³शन होना चािहए, वह मातृभाषा म¤ ही होना चािहए, यह एनईपी कहता है । ________ WRITTEN ANSWERS TO QUESTIONS (i) Starred Question Nos. 108 to 120 NATIONAL CAREER SERVICES PORTAL *108. SHRI BALWANT BASWANT WANKHADE:
वक्ता Jugal Kishore
कब कहा
किस वाद-विवाद में Discussion on the 150th Anniversary of The National Song "Vande Matram"
Jugal KishoreSession ls-18-s6Discussion on the 150th Anniversary of The National Song "Vande Matram"Lok Sabha Proceedings