कथन
It took only 581 days for Indian rupee to stoop from Rs. 70 to Rs. 75. And from Rs. 75 to Rs. 80, it took only 917 days. From Rs. 80 to Rs. 85, it took only 819 days for Indian rupee to stoop. But Madam it took just 349 days to stoop from Rs. 85 to Rs. 90. Now, the most worrying part is after crossing Rs. 90, it took only 13 days to reach to this present day price. Where are we heading, Madam? Our currency is one of the worst performing currencies among our surrounding countries in Asia when compared to major countries. Where are we heading? Where is the then Gujarat Chief Minister’s statements on our currency being on deathbed? Where is it now? Is it on a ventilator? The Government must reply. That is the situation which we are going through. Madam, how is the Gulf crisis affecting us? About ten million Indians left their work there. Their remittances were considered as the backbone of this economy, especially of the State like Kerala. What is their situation? What are they facing right now? Where is our Government’s involvement? Lakhs and lakhs of Indians are stranded at the airport. They were, even after booking the tickets, even after getting the tickets, and even after getting the boarding pass, not allowed to fly. 12.03.2026 1176 They were stranded at the airport. We did not see any involvement of the Government. We did not see any diplomacy in action. Sir, we all know that those people are our backbone. Madam, those people who lost their relatives, they were trying to fly back. They were not allowed to fly back. Who did involve, Madam? There are people who are suffering from diseases, and going for treatment or going for other family necessities, they all are stranded. There are people who went on visitor visas. We are not seeing their any able and efficient involvement to help them. Madam, I must say, in this crisis, silence is not diplomacy; it is surrender, a complete surrender. It has happened to our countrymen. Who will address the concerns of those Indians who work hard for their family and the country? How will they come back? What special arrangement is being done for them? The people in GCC, the difficulties that they are facing right now, must be addressed. The Government must be ready to discuss this on the floor. The Government must ensure that action is taken. But, the Prime Minister has not got time as he is busy in electioneering. The Treasury Benches must say that. The Prime Minister must remind himself that he is not just an election engineer; he is an elected Prime Minister of this country. I went to Kerala the other day. Now, there is a case in High Court, where the High Court itself has asked the Government where the AIIMS for Kerala is. The Government replied: “It is not included in PMSSY’s, this phase also.” Why is it not included? Why even after 12 long years, the offered AIIMS for Kerala is not being included? It is because the people of Kerala contain their seats to 12.03.2026 1177 zero or one or less than one always. Is that the reason? No other valid reason is being placed before the people of Kerala. Madam, when the high-speed railway corridor was announced, we were expecting an announcement for Kerala also. But it was also denied. The unemployment is rising day by day, and the youngsters in this country are in distress. The Indian foreign policy is failing. We may have heard Indiraji talking to the world power. We all have heard that. She said: “We are not a nation that can be bullied or pressured by any power. India regards America as a friend, not as a boss. India is capable of writing its own destiny.” This was her statement as a courageous Prime Minister. But, what we hear right now is that India is getting special permission, sanction and holiday for buying petrol or diesel or crude from Russia for 30 days. What have they reduced India to? These are the things that are happening around us. It is the Government's responsibility to step in. We must say that India-US trade is badly affecting the farmers. Now, to cook potato, to cook onion, or to cook whatever we like in the Indian kitchens, will we need Trump's permission? This is a shocker for us. This is a complete failure in managing these issues. I strongly oppose this Government's policies on such things. I repeat, the Government is claiming that the economy is doing too good, but in reality, it is entirely different. The Government must open their eyes to the reality, and the difficulty that the people of India are facing. 12.03.2026 1178 ®ी राम िशरोमिण वमाª (®ावÖती) : माननीय सभापित महोदया, आपने मुझे वषª 2025-26 के िलए अनुदानŌ कì अनुपूरक मांगŌ - दूसरा बैच पर चचाª म¤ भाग लेने का मौका िदया, इसके िलए धÆयवाद । म§ समाजवादी पाटê के राÕůीय अÅय± आदरणीय ®ी अिखलेश यादव जी का धÆयवाद करता हóं और अपने लोक सभा ±ेý ®ावÖती, बलरामपुर कì सÌमािनत जनता का आभारी हóं, िजÆहŌने मुझे सदन म¤ भेजा है, तािक म§ गरीब, िकसान, मजदूर, बेरोजगार, युवा, मिहला, अनुसूिचत जाित, अनुसूिचत जनजाित, आिदवासी, वंिचत और पीिड़त कì आवाज को सदन म¤ उठा सकूं । आज युवाओं को रोजगार मुहैया कराने हेतु सरकार Ĭारा उिचत कायªवाही िकए जाने कì आवÔयकता है । देश म¤ युवा रोजगार के िबना अनेक उÂपीड़नŌ का सामना कर रहे ह§ । िकसानŌ कì आय दोगुनी िकए जाने के िलए कोई िवशेष नीित नहé बनाई गई है । सभापित महोदया, म§ आज सदन म¤ अपने ±ेý कì जनता कì आवाज लेकर खड़ा हòआ हóँ । हमारी लोकतांिýक ÓयवÖथा कì सबसे बड़ी ताकत यही है िक यहाँ देश के हर वगª, हर ±ेý और हर Óयिĉ कì बात सुनी जाती है । आज देश के सामने कई महÂवपूणª चुनौितयाँ ह§, जैसे- िकसानŌ कì आय, युवाओं के िलए रोजगार, महँगाई, िश±ा, ÖवाÖÃय कì बेहतर ÓयवÖथा करना आिद । हमारे िकसान िदन-रात मेहनत करके देश का पेट भरते ह§, लेिकन उÆह¤ उनकì मेहनत का उिचत मूÐय अभी नहé िमल पा रहा है । सरकार को ऐसी नीितयाँ बनानी चािहए, िजससे िकसानŌ कì आय वाÖतव म¤ बढ़ सके और उनकì लागत कम हो सके । महोदया, दूसरी बड़ी िचÆता युवाओं के रोजगार कì है । देश कì सबसे बड़ी ताकत हमारा युवा वगª है । यिद उÆह¤ सही िश±ा, कौशल और रोजगार के अवसर िमल¤, तो भारत दुिनया का सबसे मजबूत अथªÓयवÖथा वाला देश बन सकता है । इसीिलए, हम¤ िश±ा ÿणाली को अिधक Óयवहारपूणª बनाना चािहए । हमारा संिवधान हम¤ समानता, Æयाय और भाईचारे का संदेश देता है । हम¤ ऐसी राजनीित करनी चािहए, जो समाज को जोड़ने का काम करे, न िक बाँटने का । देश कì ÿगित तभी संभव है, जब हर वगª, हर समुदाय और हर ÿदेश को साथ लेकर चला जाए । माननीय सभापित महोदया, आज मनरेगा का जो बजट है, वह बहòत ही कम है । आज देश 12.03.2026 1179 का úाम ÿधान, जो देश कì सभी úाम सभाओं म¤ महÂवपूणª काम कराता है और जहाँ पर 40 और 60 का अनुपात क¸चा और प³का काम कराने के िलए िदया जाता है, वह काम कराने के बावजूद भी उसका भुगतान नहé हो पा रहा है । इस बजट को बढ़ाना चािहए । जब यह बजट बढ़ेगा, तो गाँव को शहर म¤ तÊदील िकया जा सकता है, यह मेरी माँग है । हमारे तमाम संसद सदÖय यहाँ पर मौजूद ह§ । आज देश कì सबसे बड़ी समÖया यह है िक सांसद िनिध माý पाँच करोड़ Łपये है । पाँच करोड़ Łपये म¤ से लगभग एक करोड़ Łपये जीएसटी के łप म¤ सरकार वापस ले लेती है । चार करोड़ Łपये म¤ एक सांसद अपने ±ेý म¤ माý चार िकलोमीटर सड़क एक साल म¤ बना सकता है । यह िवकास िनिध, जो िक सरकार के Ĭारा तय कì गई है, म§ आपके माÅयम से सरकार का Åयान इस ओर िदलाना चाहता हóँ िक कई िवधानसभाओं का ±ेý एक सांसद के ±ेý म¤ आता है, उस ±ेý के िवकास के िलए उनकì िनिध कम से कम 25 से 30 करोड़ Łपये ÿितवषª कर दी जाए और उसे जीएसटी से मुĉ िकया जाए, िजससे िक सांसद अपने ±ेý म¤ िवकास कर सक¤ । सभापित महोदया, म§ आपके माÅयम से माँग करता हóँ । आज जातीय जनगणना देश कì सबसे बड़ी समÖया है । सामािजक, आिथªक, जाितगत जनगणना आज वतªमान कì माँग है, ³यŌिक जब तक हम¤ यह नहé पता होगा िक कौन गरीब है, कौन वंिचत है, िकसे वाÖतव म¤ मदद कì जłरत है, तब तक योजनाएँ कागजŌ म¤ ही सफल रह¤गी, जमीन पर नहé । इसीिलए, जाितगत जनगणना कराए जाने कì स´त जłरत है । सरकार को इस ओर Åयान देने कì जłरत है । सभापित महोदया, मेरे ±ेý से ®ावÖती और बलरामपुर आकाँ±ी जनपदŌ कì ®ेणी म¤ आते ह§ । नेपाल बॉडªर से सटा हòआ हमारा जो ±ेý है, उतरौला, पचपेड़वा, चंदनपुर, िजसका लगभग 55 िकलोमीटर िहÖसा आता है, गनवåरया गाँव से रतनपुर चौराहा, िवजयनगर गणेशपुर बाजार, जूड़ी कुइया, पचपेड़वा नगर पंचायत होते हòए, बढ़ईपुरवा, अमेिलया, सेमरा, पोहरगड्डी से चंदनपुर सीमा सुर±ा बल चौकì तक, यह नेपाल सीमा और अयोÅया नगरी तक कì रोड है । यह इतनी खराब हो चुकì है िक इस पर आदमी चल नहé पा रहा है । 12.03.2026 1180 सभापित जी, भगवान गौतम बुĦ के ®ावÖती जनपद, ®ावÖती मु´यालय िधनगा से लàमणपुर बैराज होते हòए कानीबोझी चौराहे से जमुनाह मु´य मागª को जोड़ने वाली पीडÊÐयूडी कì मु´य सड़क कì लंबाई लगभग 35 िकलोमीटर है । ये दोनŌ सड़क¤ मेरे लोकसभा ±ेý कì जीवन रेखा ह§ जो स§कड़Ō गांवŌ को मु´यालय से जोड़ती ह§ । इस सड़क से ÿितिदन लाखŌ याýी, िकसान, छाý, Óयापारी, मरीज, देश और िवदेश से हजारŌ बौĦ ®Ħालु पयªटक आते-जाते ह§ । म§ आपके माÅयम से कहना चाहता हóं िक इस योजना को लागू िकया जाए । आज देश के हालात ऐसे ह§ िक िकसान परेशान है, युवा परेशान है, Óयापारी परेशान है और मजदूर परेशान है । म§ आपके माÅयम से कहना चाहता हóं िक देश के तमाम जनपद ह§ जो बाढ़ से ÿभािवत ह§, इनम¤ मेरा जनपद भी आता है । मेरा िनवेदन है िक देश म¤ बाढ़ ÿभािवत िजलŌ को िचिĹत िकया जाए और अलग से बजट िदया जाए । अंत म¤, म§ इतना ही कहना चाहता हóं - “िसफª झूठे वादŌ से देश कì तकदीर नहé बदलती जीडीपी के आंकड़Ō से िकसान के हाथŌ कì लकìर नहé बदलती । आप िवकिसत भारत का जÔन मनाते रहो मगर आपकì नीित और बजट से मेरे भारत कì तÖवीर नहé बदलती ।” ®ी कìितª आज़ाद (बधªमान-दुगाªपुर) : माननीय सभापित महोदया, म§ अपने नेतृÂव ममता जी और अिभषेक बनजê जी का धÆयवाद करता हóं िक सदन के नेतृÂव के माÅयम से मुझे आज सदन म¤ बोलने का अवसर िदया । वैसे तो मुझे āेिकंग Æयूज से बात शुł करनी चािहए ³यŌिक अयोÅया म¤ भगवान ®ीराम जी के मंिदर म¤ सीता रसोई म¤ चूÐहा नहé जल रहा है । अयोÅया म¤ गैस कì कमी के कारण ®ीराम मंिदर म¤ भोजन ÿसाद बनना बंद हो गया है । वहां जो पåरिÖथित है, संभवत: मंýी जी इसका सं²ान ल¤गे । अभी माननीय मंýी जी ने कहा िक अंतराªÕůीय संकट है । म§ मानता हóं िक अंतराªÕůीय संकट है लेिकन दो िदन पहले माननीय ÿधान मंýी जी ने एक व³तÓय िदया था िक कांúेस के लोग गलत 12.03.2026 1181 बोल रहे ह§, लोगŌ को बरगला रहे ह§ जबिक देश म¤ कोई संकट नहé है । अब वे बरगला रहे ह§ या नहé, मुझे मालूम नहé है, म§ इतना ही जानना चाहता हóं िक यिद देश म¤ संकट नहé है और ऐसा माननीय ÿधान मंýी जी ने कहा है तो 65 Łपये ÿित िसल¤डर गैस के दाम ³यŌ बढ़ाए गए? गरीब आदमी पर मार ³यŌ मारी जा रही है? इस िवषय पर सरकार कì तरफ से कोई जवाब देने को तैयार नहé है । सभापित महोदया, मुझ से पहले सÂता प± कì तरफ से आदरणीय साथी बोल रहे थे िक सोने का दाम बढ़ रहा है । अरे, मुझे सोने के दाम से ³या मतलब, मुझे तो उस गैस िसल¤डर से मतलब है जो गरीब आदमी के घर तक जाता है और उसके घर का चूÐहा जलता है । वह दूसरी बात है िक जब दूसरी बार Āì म¤ िसल¤डर िदया गया था, नौ करोड़ गरीब लोगŌ ने नहé िलया ³यŌिक 1100-1200 Łपये कìमत हो चुकì थी । म§ ऐसी पåरिÖथित म¤ ³या कहóं, मुझे समझ म¤ नहé आता । सभापित महोदया, यहां सभी लोग बैठे हòए ह§, सभी जानते ह§ और पूरा सदन भी जानता है िक माननीय ÿधान मंýी जी आिवÕकार के बारे म¤ सोचते ह§ । माननीय ÿधान मंýी जी ने जो वषª 2017 म¤ कहा था, यिद उसे सरकार मान लेती, åरसचª एंड डेवलपम¤ट कर देती, सÈलीम¤टरी बजट म¤ नहé और मेन बजट म¤ पैसा दे देती तो आज गटर गैस से सारी कमी पूरी हो सकती थी, िजस गटर गैस के बारे म¤ माननीय ÿधान मंýी जी ने बात कही थी । सब घरŌ के नीचे गटर ह§ । सब गटर म¤ डालो, कैसे बताया था िक पाइप डाला, बतªन उÐटा िकया, छेद िकया, उसम¤ से जो गैस िनकलती, उससे पैसा भी बचता और हम¤ आयात करने कì आवÔयकता नहé पड़ती । यहां डीएमके के लोग बैठे ह§, तेलंगाना से कांúेस के लोग बैठे ह§, केरल से लेÉट के लोग बैठे ह§, अब यह तो सभी जानते ह§ िक बांμला िवरोधी ही केवल यह सरकार नहé है । 15.00 hrs जहाँ 21 राºयŌ म¤ इनकì सरकार है, चाह¤ अपनी हो या एनडीए कì िमली जुली सरकार हो, वहाँ क¤þ सरकार के शेयर का पूरा पैसा िमलता है, लेिकन इन चार राºयŌ म¤ नहé िमलता है, ³यŌिक कहते ह§ यूिटलाइज़ेशन सिटªिफ़केट नहé िमला है । 12.03.2026 1182 म§ आपको बंगाल के बारे म¤ बताना चाहता हóँ िक आज आप सÈलीम¤ůी िडमांड लेकर आए ह§, यह लगभग 2 लाख करोड़ Łपये है, नेट माँग 2 लाख करोड़ Łपये कì है और वषª 2022 से लेकर आज तक पिIJम बंगाल का 2 लाख करोड़ Łपया, इन बांμला िवरोिधयŌ ने नहé िदया है । ये बोलते ह§ िक हम¤ उपयोिगता ÿमाणपý चािहए, यानी यूिटलाइज़ेशन सिटªिफ़केट । इनको यूिटलाइज़ेशन सिटªिफ़केट दे िदया । यूिटलाइज़ेशन सिटªिफ़केट दे देते ह§, उसके बाद यह जवाब नहé देते ह§ । 6 महीने के बाद कुछ और कर देते ह§ । आज ये खड़े हòए, इÆहŌने िजस ÿकार से बंगाल के लोगŌ को दबाने का ÿयास िकया है, एक चीज़ समझ ल¤ िक बंगाल के लोग डरने वाले और दबने वाले नहé ह§ । पहले वषª 2021 म¤ भी मुँह कì खाई थी और वषª 2026 म¤ भी खाने वाले ह§ । म§ आशा करता हóँ िक चीफ इले³शन कमीशन को भी इÆहŌने कुछ पैसा िदया होगा, ³यŌिक सुÿीम कोटª ने कहा है िक कुछ åरटायडª जजेज़ को लगाओ और आप उसके अंदर पैसा दो … (Óयवधान) अब आप मुझे बताइए िक मनरेगा, िजसका नाम इÆहŌने बदल िदया है, मनरेगा योजना गरीबŌ के िलए है । उसके माÅयम से गरीब आदमी के िलए कम से कम 100 िदन के रोज़गार कì बात होती है । उसके अंदर उसको पैसा िमलता है वो कमाता है और जो कुछ ÿाĮ होता है उससे अपने घर का भरण-पोषण करता है । पिIJम बंगाल म¤ वषª 2022 से लेकर आज तक 52 हज़ार करोड़ Łपया मनरेगा के अंतगªत नहé िदया गया । इÆहŌने मज़दूरŌ को मारने का ÿयास िकया है, उन लोगŌ को खÂम करने का ÿयास िकया है । लेिकन यह हमारी सरकार है, जहाँ आपने नाम तो बदला, लेिकन हमने महाÂमा गांधी का नाम रखा और कमª®ी को महाÂमा®ी कायªøम के अंतगªत चालू िकया । इन चार सालŌ म¤ 100 करोड़ िदन लोगŌ को काम िदया, िजसम¤ 78 लाख खाताधारकŌ को लाभ हòआ है । ‘िकतने भी तू कर ले िसतम, हँस-हँस के नहé सह¤गे हम ।’… (Óयवधान) बाबू मत बोलो, िफर तुÌहारे बारे म¤ बोल¤गे । उस िदन िगåरराज जी के बारे म¤ बोले थे । अब 12.03.2026 1183 तुÌहारे बारे म¤ बोलना पड़ेगा । मत बोलो, बेटा मत बोलो, बेटे कì तरह हो, मत बोलो । अब आपने कहा था िक वषª 2022 तक ÿधानमंýी आवास योजना úामीण म¤ सबको घर िमलेगा । अब यह समय वषª 2047 तक चला गया है । मुझे मालूम नहé वषª 2047 तक हम लोगŌ म¤ से िकतने लोग िज़ंदा रह¤गे, मुझे अपने बारे म¤ तो मालूम नहé, बािकयŌ के बारे म¤ नहé कह सकता हóँ, लेिकन तब कौन देखेगा, घर िमले िक नहé िमले । यानी आपने, इस बांμला िवरोधी सरकार ने वषª 2022 से लेकर वषª 2026 तक कì बात म§ करता हóँ, क¤þ सरकार को 24 हज़ार करोड़ ÿधानमंýी आवास योजना úामीण के अंतगªत देने थे, नहé िदए । 32 लाख लोग उससे वंिचत हो गए । यानी वषª 2022 म¤ जो छत िमलनी थी, वह छत वषª 2047 तक चली गई है, वह छत हम¤ नहé िमली । उसकì यूिटलाइज़ेशन सिटªिफ़केट वषª 2022 तक दे ही िदया है, िलÖट दे दी । इस बारे म¤ आपि° उठाई तो आपि° के बाद जवाब दे िदए गए, लेिकन 24 हज़ार करोड़ Łपया नहé िदया गया है । हमारी नेýी ममता बंदोपाÅयाय ने कहा िक हम बंगाल के िकसी भी Óयिĉ को जहां सब जगह के लोग आते ह§, लोग बाहर से भी ह§, केवल बंगाल के ही लोग नहé रहते ह§ । िहंदी भाषा बोलने वाले भी ह§ । वहाँ पर उÆह¤ 24 हज़ार करोड़ Łपया क¤þ सरकार को अपनी तरफ से देना था, लेिकन पिIJम बंगाल सरकार ममता बंदोपाÅयाय कì सरकार ने बांμलार बाड़ी म¤ 38 हज़ार 400 करोड़ Łपया िदया । The Central Government had to give Rs. 24,000 crore, but the West Bengal Government gave Rs. 38,400 crore. यानी 14 हज़ार 400 करोड़ Łपया Ûयादा िदया गया । हम यह जानना चाहते ह§ िक इस ÿकार का सौतेला Óयवहार करने का ÿयास ³यŌ रहता है? अब हम सवª िश±ा अिभयान कì बात कर लेते ह§ । अगर आप देख¤गे, तो आजकल अिधकतर लोगŌ को वाट्सऐप यूिनविसªटी से ही ²ान िमलता है । आजकल एक नयी यूिनविसªटी- गलगोिटया यूिनविसªटी आ गयी है । आजकल लोग वहé से ²ान ले रहे ह§ । हम¤ िवकिसत भारत म¤ लोगŌ को पढ़ाना-िलखाना है । समú िश±ा अिभयान के तहत 19 हजार करोड़ Łपये हमारे ब¸चे- बि¸चयŌ को नहé िदया । हम िवकिसत भारत बना रहे ह§ या अिशि±त भारत बनाने का ÿयास कर रहे ह§? बंगाल के ब¸चे, बंगाल कì बि¸चयां िबना पढ़े-िलखे नहé रह¤गे । ममता बंīोपाÅयाय कì 12.03.2026 1184 सरकार ने वहां ‘कÆया®ी’ और ‘łपा®ी’ जैसी योजनाएं चलायी ह§ । ‘कÆया®ी’ योजना को तो यूनाइटेड नेशÆस के ‘यूिनसेफ’ ने अवॉडª िदया है । 18 साल कì बि¸चयां जब 11वé-12वé पास करती ह§, उनके खाते म¤ डायरे³ट 25 हजार Łपए डाले जाते ह§ । यह है पिIJम बंगाल कì सरकार । ‘मुĥई लाख बुरा चाहे तो ³या होता है, वही होता है, जो मंज़ूरे खुदा होता है ।’ जो वषª 2021 म¤ हòआ, वही वषª 2026 म¤ भी होने वाला है । आप कुछ भी ÿयास कर लीिजए, लेिकन आप सफल नहé होने वाले ह§ । आपको मालूम है िक वहां अÌफान साय³लोन आया था । वषª 2014 से वषª 2024 तक पिIJम बंगाल म¤ ऐसे अनेक तूफ़ान आए । इन दस सालŌ म¤, हमने िडजाÖटर मैनेजम¤ट के माÅयम से 43,500 करोड़ Łपए मांगे थे । आपने तो हमारी बात नहé सुनी । आपने केवल 7 ÿितशत रािश िडजाÖटर मैनेजम¤ट के तहत दी थी । लेिकन पिIJम बंगाल कì सरकार ने अपने बलबूते पर, िजतने भी लोग बेघर हो गये थे, िजनके घर उजड़ गए थे, िजनके काम बंद हो गये थे, उन सब को वापस लाकर Öथािपत कर िदया तािक उन लोगŌ को कोई तकलीफ न हो । लेिकन बांμला िवरोधी केÆþ कì यह सरकार, िजसने केवल 7 ÿितशत रािश दी यानी एक सौ Łपये मांगे, तो केवल सात Łपए िदये । अब म§ थोड़ा केÆþ सरकार पर आ जाता हóँ । एनएच ºयादा ह§ । बंगाल म¤ िजतने भी एनएच ह§, वैसे तो माननीय अिÔवनी वैÕणव जी ह§, मेरा उनसे कोई पसªनल िवरोध तो है नहé ।... (Óयवधान)
वक्ता Shafi Parambil
कब कहा
किस वाद-विवाद में Regarding need to establish Army Recruitment Centre in Kushinagar district, Uttar Pradesh-Laid
Shafi ParambilSession ls-18-s7Regarding need to establish Army Recruitment Centre in Kushinagar district, Uttar Pradesh-LaidLok Sabha Proceedings