कथन
I am concluding, Sir. The actual spending is even lower. In the financial year 2023-24, only Rs. 95.83 crore was utilised, and Rs. 90 crore was released in the financial year 2024-25. Similar is the case with the allocation for merit-cum-means scholarship. This PMJVK scheme was specifically targeted for minorities. The Government has made it a universal scheme. Now, this whole fund is being spent on areas where minorities are not there. This money has been restricted, too. So, I demand that the funds allocated to the Ministry of Minority Affairs for pre-matric, post-matric, and merit-cum-means scholarships should be released immediately. The unit cost has also not been increased. On the PM POSHAN Scheme, the budgetary allocation of Rs. 12,500 crore remains the same as in the financial year 2024-25. The honorarium for cook-cum-helpers is Rs. 1,000 a month. For the last 10 years, it has not been increased. I demand that it be increased. Thank you. ®ी राजेश रंजन (पूिणªया) : सभापित महोदय, सरकार कहती है िक Łपया िगर नहé रहा है, बिÐक डॉलर मजबूत हो रहा है । म§ सरकार को बताना चाहóंगा िक अमेåरका इनके अ¸छे दोÖत ह§, ůंप भी इनके बहòत अ¸छे दोÖत रहे ह§ । वैिĵक तौर पर िपछले तीन से चार िदनŌ के अंदर 15-16 िबिलयन डॉलर कì िगरावट आई है । फॉरेन åरजवª जो घटा है, वह कंपलीट łप से घटा है । िवदेशी मुþा 703 15.12.2025 1208 िबिलयन से घटकर 687 िबिलयन हो गया है । आरबीआई को Łपया बचाने के िलए डॉलर बेचने पड़ रहे ह§ । इसिलए हम यह बात कह रहे ह§ िक इनको पता नहé है िक मुþा ÿबंधन िवफलता सबसे øूर आिथªक नीित होती है, जो भारत के िलए और आम आदमी के िलए सबसे बड़ा बोझ है । इसका खािमयाजा सबसे ºयादा गरीब को भुगतना पड़ता है । दूसरी तरफ ये सीधे टै³स नहé लगाते ह§, बिÐक ये महंगाई के Ĭारा टोटल पैसा ले लेते ह§ । ये टै³स कì बात करते ह§ िक म§ टै³स नहé लगा रहा हóं । 140 करोड़ लोगŌ म¤ से 120 करोड़ लोग, जो िमिडल ³लास और गरीब लोग ह§, उनसे महंगाई के Ĭारा पैसे ले लेते ह§ । म§ जानना चाहóंगा िक महंगाई के िलए आपके पास ³या ÓयवÖथा है? ये इसके बारे म¤ पहले बता द¤ । दुिनया बहòत आगे बढ़ रही है, एआई कì रÉतार सबसे ºयादा है और टे³नोलॉजी बढ़ रही है । कुछ पॉइंट ह§, जो बाकì देशŌ म¤ सफल हòए ह§, म§ उनके बारे म¤ यहां बताना चाहता हóं । हमारे संसदीय ±ेý पूिणªया और पूरे िबहार म¤ पैसा सीधे नहé, बिÐक ÿोजे³ट के िलए िमले । यूरोिपयन यूिनयन कहता है िक वह सीधे पैसे नहé देते ह§, बिÐक वह Öथानीय संÖथाओं को अ¸छे और प³के एआई ůेिनंग ÿोजे³ट्स के िलए úांट या अनुदान देते ह§ । वहé से वह सीखेगा और िसखाएगा । आम आदमी और गांव के ब¸चŌ म¤ हòनर बढ़े । हर एåरया म¤ एआई ůेिनंग स¤टर, रीजनल एआई हब बने । कनाडा कì तरह हर एåरया के Öथानीय कॉलेज या Öकूल को अपúेड करके एक एआई ůेिनंग हब बनाना चािहए । एआई कंÈयूटर और िडवाइस िसफª बड़े शहरŌ तक सीिमत न रहे, बिÐक गांव, कÖबे के ब¸चŌ को िमले । इससे सबको बराबर का मौका िमलेगा । आप वह चीज िसखाओ, जो इलाके म¤ काम आए । िÿिसजन एúीकÐचर िसखाने कì बात कई बार एआई के Ĭारा हòई है । यूनेÖको कहता है िक Öथानीय जłरतŌ के िहसाब से िसखाना चािहए । इससे ůेिनंग काम आएगी और ब¸चŌ को जÐदी नौकरी िमलेगी । आप पहले टीचरŌ को प³का करो । एआई ůेिनंग कौन देगा? हमारे पास ए³सपटª टीचसª नहé ह§ । इसिलए Öथानीय िश±कŌ को एआई ए³सपटª बनाने के िलए उन पर खचª होना चािहए । एिशयन देशŌ ने भी यही िकया है । सरकार को यह शतª रखनी चािहए िक Öथानीय उīोग या कंपनी को भी उसम¤ थोड़ा पैसा लगाना होगा और ब¸चŌ को सीधे म¤टरिशप देनी होगी । इसिलए मेरी 15.12.2025 1209 िडमांड इसम¤ यह है िक मेरे संसदीय ±ेý म¤ एआई और िडिजटल िÖकल स¤टसª Öथािपत िकए जाएं । िकसानŌ को एआई टूÐस से फसल ÿबंधन, मौसम पूवाªनुमान, एसएमई को िडिजटल माक¥िटंग, ई- कॉमसª और एआई आधाåरत िबजनैस टूÐस का ÿिश±ण िमले । मिहलाओं और ब¸चŌ को बेिसक एआई, कोिडंग और िडिजटल सा±रता िसखाई जाए । यह बहòत इÌपोट¦ट है, इसिलए इसके बारे म¤ म§ने पहले बोला है ।
वक्ता Asaduddin Owaisi
कब कहा
Asaduddin OwaisiSession ls-18-s6The Speaker made references to the passing away of Shri Subhash Ahuja, Member of the Sixth Lok Sabha; Prof. Salaluddin, Member of the Eighth Lok Sabha and; Shri Bal Krishna Chauhan, Member of the Thirteenth Lok SabhaLok Sabha Proceedings