Statement
Chairperson Sir, the International Energy Agency has described the closure of the Strait of Hormuz as the single biggest oil crisis the Further discussion on the Motion for Consideration of the Bill, moved by Shrimati Nirmala Sitharaman on 23.03.26 continued. 24.03.2026 1192 world is faced with in the 20th and 21st centuries, worse than the oil shocks of 1973 and 1979. There are an estimated 11 million barrels per day and 140 billion cubic meters of LNG which are off the market. जब यह बजट और िवÂतीय िवधेयक पेश िकया गया था तो 1 फरवरी, 2026 को पेश िकया गया था । 28 फरवरी, 2026 को अमेåरका और इजराइल ने ईरान के ऊपर हमला कर िदया था । उससे सारी दुिनया कì अथªÓयवÖथा पर बहòत नकाराÂमक असर पड़ा है । खासकर भारत के ऊपर इसका बड़ा संवेदनशील असर पड़ा है । सभापित महोदय, म§ आपको कुछ आँकड़े देना चाहता हóँ । वषª 2013-2014 म¤ भारत 77 ÿितशत क¸चा तेल आयात करता था । वषª 2025-26 म¤ यह बढ़कर 88 ÿितशत हो गया । वषª 2013-14 म¤ भारत 29 से 30 ÿितशत एलएनजी आयात करता था । वषª 2025-26 आते-आते यह 45 से 47 ÿितशत हो गया । जो øूड ऑयल है, क¸चा तेल है, उसकì जो इंिडयन बाÖकेट कì कìमत है, वह फरवरी, 2026 म¤ लगभग 70 डॉलर के आस-पास थी । माचª, 2026 म¤ बढ़कर 119.28 डॉलर हो गई । 20 माचª, 2026 को यह लगभग 150 डॉलर थी। जब भी क¸चे तेल कì कìमत 10 डॉलर से बढ़ती है तो उससे 10 या 15 िबिलयन डॉलर भारत के राजÖव के ऊपर भी बोझ पड़ता है । भारत 150 से 200 िबिलयन डॉलर हर साल क¸चे तेल कì आयात पर खचª करता है । यह म§ आकड़े इसिलए दे रहा हóं, ³यŌिक अगर लड़ाई कल भी खÂम हो गई तो अनुमान यह है िक वषª 2027 के अंत तक जो क¸चे तेल कì कìमत है, वह 100 डॉलर से ऊपर रहेगी । इसके साथ-साथ एलएनजी, खाīाÆन और फिटªलाइजर भी है । मेरे ´याल से बड़े िवÂत मंýी जी यहां नहé ह§, शायद छोटे िवÂती मंýी जी जłर हŌगे । एक बुिनयादी ÿÔन पैदा होता है िक िजन अनुमानŌ के ऊपर यह बजट और िवÂत िवधेयक आधाåरत है, वे जो एजÌपशÆस ह§, वे जो बुिनयादी बेिसस ह§, वे वैिलड ह§ या नहé ह§? Are those assumptions on which this Budget is based valid any longer? And the reason I say this is, कल माननीय ÿधानमंýी जी सदन म¤ बोल रहे थे । उनके भाषण का एक उĤोष था । लेिकन, जो बात वे नहé कह रहे थे, वह यह थी िक वे मुÐक को तैयार कर रहे थे िक जो आने वाले िदन ह§, वे संकट भरे हŌगे । इसिलए, म§ िवÂत 24.03.2026 1193 मंýी जी से पूछना चाहता हóं िक िवÖतार से यह बताएं िक खाड़ी म¤ जो युĦ चल रहा है, उसका असर तेल, एलपीजी, खाīाÆन और दवाइयŌ कì कìमत के ऊपर ³या पड़ेगा? 30 अÿैल, जब तक पिIJम बंगाल के दूसरे चरण का चुनाव समाÈत नहé होता, तब तक आप इन चीजŌ के ऊपर िनयंýण करने कì कोिशश कर¤गे । लेिकन, 1 मई, 2026 के बाद इस देश म¤ एक नई आिथªक åरयिलटी होगी । इसीिलए, म§ यह बहòत िजÌमेदारी से कहना चाहता हóं िक िजन अनुमान के ऊपर 1 फरवरी, 2026 को यह बजट रखा गया था, आज 24 माचª को वे सारे अनुमान पूरी तरह से िशिथल हो गए ह§ । Those assumptions do not exist. So, are we discussing a past which no longer exists in the form of the Budget in the Finance Bill is my question to the Finance Minister? महोदय, 1 फरवरी, 2026 को जो वाÖतिवकता थी, उसके ऊपर म§ आपका Åयान और आपके माÅयम से सरकार का Åयान आकिषªत करना चाहता हóं । जो बजट है, उसका मूल łप 53.47 लाख करोड़ Łपये है । सरकार जो राजÖव इकęा करती है, वह 36.51 लाख करोड़ Łपये है । बाजार से सरकार जो लोन लेती है, वह 16.95 लाख करोड़ Łपये है । सरकार उस कज¥ के ऊपर जो Êयाज चुकाती है, वह 14.3 लाख करोड़ Łपये है । सभापित महोदय, बहòत ही महÂवपूणª ÿij खड़ा होता है िक जो कजª सरकार बाजार से उठा रही है, ³या वह कजª, जो इंटेरेÖट कì एमाउंट है, Êयाज कì रकम है, उसको अदा करने के िलए उठा रही है? Is the Government borrowing just to service the interest on its borrowings? That raises a very fundamental question with regard to debt liability. अब हर सरकार का या हर मुÐक का एक उĥेÔय होता है िक एक समय जłर आए, जब आपका जो आपका राजÖव है और जो आपका खचाª हो, उसम¤ एक संतुलन बने । There should be an equilibrium between your revenue and expenditure so that either you can have a surplus budget or, at least, a revenue neutral budget. अब अगर आप आंकड़Ō को अपने सं²ान म¤ ल¤, तो वषª 2013-14 म¤ भारत सरकार कì जो डेÊट और लायिबिलटी थी, जो कजª था और जो 24.03.2026 1194 बाकì देनदारी थी, वह 56.51 लाख करोड़ Łपये थी । जो यह िव°ीय वषª 2026-27 है, जब यह 31 माचª, 2026 को खÂम होगा, तो यह बढ़कर 214.8 लाख करोड़ Łपये हो जाएगी । 12 साल म¤ सरकार का जो कजª है और देनदारी है, वह 3 गुना से ºयादा बढ़ गई है । यह बात एक और बुिनयादी सवाल खड़ा करती है, जब सरकार इतना कजª बाजार से लेती है, तो It crowds out private investment completely. आपकì जो िनजी कंपिनयां ह§, वह माक¥ट से पैसा नहé उठा सकती ह§ या बाजार से पैसा उठाती भी ह§, तो बहòत बड़े Êयाज दर पर उठाती ह§ । At a very steep interest rate, they have to raise financing. अब आप डेÊट टू जीडीपी रेिशयो पर आइए । वषª 2025-26 म¤ केÆþ सरकार का डेÊट टू जीडीपी रेिशयो 55.2 ÿितशत था । अगर राºय सरकारŌ को भी अपने सं²ान म¤ ल¤, तो वह 29.2 ÿितशत था, तो जो कÌयुलेिटव डेÊट टू जीडीपी रेिशयो है, केÆþ सरकार और राºय सरकारŌ का िमलाकर 84.2 ÿितशत है, जो एफआरबीएम ए³ट म¤ वषª 2018 म¤ संशोधन िकया गया था, उसम¤ यह सुिनिIJत िकया गया था िक 40 ÿितशत क¤þ का डेÊट टू जीडीपी रेिशयो होना चािहए और सारे राºयŌ का िमलाकर डेÊट टू जीडीपी रेिशयो 20 ÿितशत होना चािहए । डेÊट टू जीडीपी रेिशयो 60 ÿितशत सुिनिIJत िकया गया था और यह 84.2 ÿितशत पर सरकार का डेÊट टू जीडीपी रेिशयो पहòंच गया है । इसका बहòत बड़ा नकाराÂमक ÿभाव आपके Öटेट ए³सचेकर के ऊपर, आपके फाइन¤सेज के ऊपर, जो आपकì बारोइंग कैपेिसटी है, उसके ऊपर पड़ता है । अब म§ नॉिमनल जीडीपी पर आता हóं । नॉिमनल जीडीपी बजट बनाने के िलए जो åरयल जीडीपी है, उससे कहé ºयादा महÂवपूणª होती है । वषª 2005 म¤ भारत कì नॉिमनल जीडीपी कì वृिĦ दर 14 ÿितशत थी । वषª 2009 म¤ यह बढ़कर 20 ÿितशत हो गई, वषª 2026 म¤ नॉिमनल जीडीपी घटकर 8 ÿितशत रह गई । अगर आप महंगाई दर को देख¤ िक महंगाई दर कम है, अगर आप उसे भी अपने सं²ान म¤ ल¤, तो जो 8 ÿितशत कì नॉिमनल जीडीपी úोथ है, वह बहòत कम है । What happens as a consequence when the nominal GDP is of a very lesser order, your tax buoyancy declines. इस सरकार ने अनुमान लगाया था िक उनकì टै³स बोएंसी 1.1 24.03.2026 1195 ÿितशत के िहसाब से बढ़ेगी और िपछले िव°ीय वषª म¤ यह िसफª 0.6 ÿितशत के िहसाब से बढ़ी है । म§ आपको कुछ आंकड़े देता हóं । úास टै³स रेवÆयू का जो ए³जÌशन ऑफ úोथ था, वह 13 ÿितशत था, लेिकन बढ़ा 3 ÿितशत के िहसाब से, कारपोरेट टै³स का अनुमान था िक 9 ÿितशत के िहसाब से बढ़ेगा, लेिकन वह 7 ÿितशत के िहसाब से बढ़ा । यह अनुमान था िक इनकम टै³स 17 ÿितशत बढ़ेगा, लेिकन 6 ÿितशत बढ़ा और अनुमान था िक इनडायरे³ट टै³स 13 ÿितशत बढ़ेगा, लेिकन यह माइनस 1 ÿितशत घट गया । सरकार माक¥ट से 16-17 लाख करोड़ Łपये कजª उठाती है । यह बहòत ही दुभाªμयपूणª बात है िक भारत के कॉरपोरेट जगत को वषª 2019-20 म¤ बहòत åरयायत दी गई। जो इफेि³टव कारपोरेट टै³स रेट आज है, वह 18.85 ÿितशत है । उनको इनकम टै³स म¤ छूट दी गई, जीएसटी म¤ छूट दी गई । भारत कì जो अथªÓयवÖथा है, वह पिÊलक कैिपटल ए³सप¤िडचर पर चल रही है । आज पिÊलक कैिपटल ए³सप¤िडचर बढ़कर 17.14 लाख करोड़ Łपये हो गया है । सवाल यह है, सरकार इतना िनजी ±ेý के िलए करती है, why is the private corporate investment not kicking in? Why is it not firing the engines of the Indian economy for the past six years despite the fact that we have now come out of COVID-19? Therefore, this raises some very fundamental questions about the macro financial stability of this country, which this Government needs to answer. मेरे दो िबंदु रह गए ह§, िजनको कहकर म§ अपनी बात समाÈत कłंगा । जो फॉरेन डायरे³ट इनवेÖटम¤ट है और फॉरेन पोटªफोिलयो इनवेÖटम¤ट है, वह भी भारत से भागता जा रहा है । अगर आप कैिपटल एकाउंट बैल¤स ऐज अ पस¦ट ऑफ जीडीपी फोर³यूएमए को अपने सं²ान म¤ ल¤, वह इस साल माइनस 6 ÿितशत है । अगर आप नॉिमनल इफेि³टव ए³सच¤ज रेट ‘नीर’ को अपने सं²ान म¤ ल¤, तो यह माइनस 7 पस¦ट है । नेट एफडीआई िसतÌबर से लेकर िदसÌबर, 2025 तक िनगेिटव म¤ रहा । इसका सीधा असर भारत के Łपये पर पड़ता है । वषª 2014 म¤ भारत का Łपया डॉलर के मुकाबले 60.99 Łपये था, यानी 61 Łपये म¤ एक डॉलर िमलता है । वषª 2026 म¤, आज कì तारीख म¤ 93.34 Łपये म¤ एक डॉलर िमलता है । म§ बहòत िवनăता से पूछना चाहता हóं िक Łपया आज 24.03.2026 1196 िकसकì उă से ºयादा तेजी से बढ़ रहा है? अगर आपको याद हो, जो सÂता म¤ बैठे ह§, वे कहा करते थे िक Łपया ÿधान मंýी कì उă से ºयादा तेजी से बढ़ रहा है । आज म§ पूछना चाहता हóं िक Łपया िकसकì उă से ºयादा तेजी से बढ़ रहा है? आपने अमेåरका के साथ एक ůेड एúीम¤ट िकया । ůेड एúीम¤ट के तहत आपने कृिष ±ेý को पूरी तरह से खोल िदया । आपने अमेåरका को यह आÔवासन दे िदया िक आप Łस से क¸चा तेल नहé खरीद¤गे । इसका सीधा असर भारत कì Öůेिटिजक ऑटोनामी, सामåरक ±मता पर पड़ता है । िवडÌबना यह है िक उसी अमेåरका को आज łस का ही नहé, ईरान के तेल पर बैन खोलना पड़ा है। This is not a Budget about the future of India. This is a Budget of a managed decline. All the assumptions, on which this Budget was based when it was presented on 1st February, 2026, do not exist any more. We would like the hon. Finance Minister to enlighten us on how much the burden on the Indian economy of the war in the Persian Gulf would be, what the situation will be like in this country after the 30th April, 2026, when the second round of polling in West Bengal is over. ®ी नवीन िजंदल (कुٱेý) : सभापित जी, म§ आपका आभारी हóं िक आपने मुझे इस सदन म¤ फाइन¤स िबल, 2026 पर बोलने का अवसर िदया । म§ िवÂत मंýी, िनमªला सीतारमण जी को लगातार नौवां बजट पेश करने पर बधाई देता हóं । िपछले 11 वषŎ से बजट के माÅयम से देश के हर वगª कì आशाओं को हकìकत म¤ बदलना एक बहòत बड़ी उपलिÊध है । सभापित जी, िवप± अ³सर हमारी इकोनॉिमक पॉिलसीज़ पर सवाल उठाता है, लेिकन असली जवाब देश कì जनता अपना वोट देकर देती है । हåरयाणा हो या िबहार, जनता ने हम¤ लगातार जीत िदलाकर यह सािबत कर िदया है िक ‘सब का साथ, सब का िवĵास’ हमारे िलए कोई चुनावी नारा नहé है, बिÐक यह हमारी िवचारधारा है । मुझे पूणª िवĵास है िक आने वाले चुनावŌ म¤ भी जनता का आशीवाªद हम¤ ही िमलेगा । 24.03.2026 1197 आज हम फाइन¤स िबल पर चचाª कर रहे ह§, तो हम¤ इसकì गंभीरता को समझना होगा । हमारे संिवधान ने इस पािलªयाम¤ट को यह अिधकार िदया है िक वह तय करे िक हमारे देश के नागåरक, चाहे वह Óयिĉ हो या एक कॉपōरेट, जब टै³स भरते ह§, उनकì कमाई का उपयोग िकस ÿकार िकया जाना चािहए । म§ िवप± के सािथयŌ को बहòत Åयान से सुन रहा था । उनका सारा Åयान िसफª और िसफª आलोचना करने पर ही क¤िþत था । सभापित जी, म§ मानता हóँ िक आलोचना करनी है, तो उसम¤ तÃय होने चािहए, वह सकाराÂमक होनी चािहए, तभी उसका कोई अथª होता है । आज जब देश म¤ िवकास का सूरज चमक रहा है, तो िवप± के साथी अपनी आँख¤ बंद करके कहते ह§ िक अंधेरा है । जब हम úोथ और डेवलपम¤ट कì बात¤ करते ह§, तो इनका Åयान केवल ÿोटेÖट और िडसरÈशन पर होता है । िवप± को समझना होगा िक यह िबल िकसी एक पाटê का नहé, बिÐक इस देश के भिवÕय के िलए है । आप भी उसका िहÖसा ह§, ³यŌिक इसका लाभ आपके ±ेý के लोगŌ को भी उतना ही िमलेगा । सभापित जी, मुझे पूरा िवĵास है िक जब यह िबल पाåरत होगा, तो इसका एक-एक पैसा हमारे अÆनदाताओं के खेतŌ म¤ हåरयाली लाएगा । हमारे युवाओं के हाथŌ म¤ रोजगार देगा । 140 करोड़ िहंदुÖतािनयŌ के सुरि±त और िवकिसत भिवÕय कì सबसे बड़ी गारंटी बनेगा । जब युवाओं को øेिडट गारंटी Öकìम का लाभ िमलेगा, तो वे नौकरी माँगने वाले नहé, बिÐक नौकरी देने वाले बन¤गे । जब हमारी माताओं और बहनŌ को पीएम आवास योजना के माÅयम से घर िमलेगा, तो उÆह¤ केवल छत नहé, बिÐक समाज म¤ सÌमान भी िमलेगा । उनके अंदर यह भावना आएगी िक देश उनका Åयान रखता है । हमारे देश के युवाओं को जब िवĵÖतरीय Öपोट्ªस फैिसिलटीज़ िमल¤गी, तो वे अंतराªÕůीय पटल पर मैडल जीतकर पूरे िवĵ म¤ हमारे ितरंगे झंडे कì शान बढ़ाएँगे । जब हमारे फौजी, जब हमारे जवान िकसी भी मोच¥ पर सीना तानकर खड़े हŌ, तो यह िबल सुिनिIJत करेगा िक उनके हाथŌ म¤ दुिनया के सबसे बेहतरीन और आधुिनक हिथयार हŌगे । सभापित जी, टै³सेशन का िसĦांत और इसका महÂव कोई आज कì बात नहé है, बिÐक चाण³य के अथªशाľ म¤ भी इसके सूý िमलते ह§ । इसी टै³स रेवेÆयू से देश कì हेÐथ केयर, एजुकेशन, 24.03.2026 1198 इंĀाÖů³चर, नेशनल िस³योåरटी जैसी सभी महÂवपूणª सेवाओं कì फाइन¤िसंग होती है । सभापित जी, जब नीितयाँ साफ हŌ और नीयत ईमानदार, तो जनता खुद आगे आकर राÕů िनमाªण म¤ िहÖसा लेती है । िपछले पाँच वषŎ म¤ डायरे³ट टै³सेज़ और इनडायरे³ट टै³सेज़ के कले³शन म¤ भारी वृिĦ हòई है । बेहतर कंÈलाएंस के कारण जीएसटी टै³सपेयर बेस आज 1.5 करोड़ कì सं´या को पार कर गया है । िव° वषª 2024-25 म¤ úॉस जीएटी कले³शन 22 लाख करोड़ Łपये से भी अिधक हòआ । इस åरकॉडª रेवेÆयू के िलए म§ हर उस नागåरक को धÆयवाद देता हóँ, जो इस िवकिसत भारत कì याýा म¤ अपना योगदान दे रहे ह§ । सभापित जी, म§ अिधकतर देखता हóँ और यह बहòत दुख कì बात है िक िवप±, कॉपōरेट्स और ÿाइवेट से³टर को हमेशा नकाराÂमक िदखाता है । महोदय, ये आलोचना करते ह§ इसिलए म§ आज भारत के िनजी ±ेý के योगदान कì चचाª करना चाहता हóं िजसने हमारे देश कì अथªÓयवÖथा को वैिĵक मंच पर नई पहचान िदलाई है । भारत के िनजी ±ेý का हमारी अथªÓयवÖथा म¤ आज से ही नहé बिÐक ÿाचीन काल से शानदार योगदान रहा है । जब िवÔव के अिधकांश देश सËयता कì ÿारंिभक अवÖथा म¤ थे तब भारत के िनजी उīोग, िनजी उīमी, Óयापारी, िकसान, िशÐपकार, कारीगर और वािणिºयक संघ िवÔव Óयापार का क¤þ बने हòए थे । जब हमारी सरकार ने ‘मेक इन इंिडया’, ‘Öटाटªअप इंिडया’ और ‘आÂमिनभªर भारत’ जैसे दूरदशê अिभयानŌ कì नéव रखी तो देश के िनजी ±ेý ने उसे अपने पåर®म और नवाचार से एक नई ऊंचाई पर पहòंचाया । महोदय, आज हम¤ इस बात का गवª है िक भारत िवÔव कì चौथी सबसे बड़ी अथªÓयवÖथा है। इस उपलिÊध म¤ िनजी ±ेý कì बहòत बड़ी भूिमका है । देश म¤ िनजी ±ेý सवाªिधक रोजगार सृजन का ąोत है, चाहे एमएसएमई हो या बड़े औīोिगक घराने हŌ, सबने िमलकर करोड़Ō भारतीयŌ को आजीिवका ÿदान कì है । देश म¤ 80 ÿितशत से अिधक रोजगार, 60 ÿितशत से अिधक जीडीपी और नवाचार कì अिधकांश शिĉ िनजी ±ेý से ही आती है । भारत का आईटी िनयाªत 200 िबिलयन डॉलर के पार पहòंच चुका है । फामाªÖयुिटकÐस ±ेý म¤ भारतीय कंपिनयŌ ने सÖती और उÂतम ³वािलटी कì दवाइयां िवÔव के 200 से अिधक देशŌ को उपलÊध कराई ह§ । 24.03.2026 1199 महोदय, Öटाटªअप ईको िसÖटम कì बात कर¤ तो भारत म¤ लगभग एक लाख से अिधक माÆयता ÿाÈत Öटाट्ªअÈस ह§ और 100 से अिधक युिनकानª कंपिनयां ह§ । िनजी ±ेý केवल लाभ कमाने के साधन नहé ह§, बिÐक राÕů िनमाªण के सश³त Öतंभ ह§ । कॉपōरेट सोशल åरÖपांिसिबिलटी के माÅयम से देश के अनेक कॉरपोरेट्स िश±ा, ÖवाÖÃय, पयाªवरण, Öपोट्ªस और कौशल िवकास म¤ महÂवपूणª योगदान दे रहे ह§ । म§ आपके माÅयम से िवप± के सािथयŌ से आúह करना चाहता हóं िक हम¤ ÿाइवेट सै³टर के योगदान कì सराहना करनी चािहए और इसे ÿोÂसािहत करना चािहए ³यŌिक सरकार और िनजी ±ेý कì साझेदारी ही िवकिसत भारत-2047 के ÖवÈन को साकार करेगी । महोदय, म§ िकसान पåरवार से आता हóं । मेरे िपताजी Öव. ®ी ओम ÿकाश िजंदल जी िकसान थे, उÆहŌने खुद हल चलाया था । वह हमेशा िकसान और उसकì मेहनत का उदाहरण देते थे । िकसान िदन-रात पसीना बहाता है । ठंड और धूप म¤ खेत सéचता है और उÌमीद करता है िक उसे उसकì मेहनत का फल िमलेगा लेिकन कई बार ÿकृित उसकì परी±ा लेती है । कभी अचानक बाढ़ आ जाती है, कभी सूखा पड़ जाता है और कभी बेमौसम बाåरश से फसल का नुकसान हो जाता है । जब नुकसान होता है तो िकसान का िदल टूटता है लेिकन वह कभी हार नहé मानता, अगली सुबह उठकर खेत म¤ जुट जाता है और दुगनी मेहनत के साथ दोबारा खड़ा हो जाता है । हमारी सरकार ने ठीक इसी ÿकार से िपछले 11 सालŌ म¤ काम िकया है । इन 11 सालŌ म¤ हमारे सामने बहòत ÿकार कì चुनौितयां आईं और शताÊदी कì सबसे भयानक कोिवड महामारी आई, िजयो पोिलिटकल ट¤शÆस और युĦ हòए । μलोबल सÈलाई चेÆस टूटé, इससे ůेड वार और टेåरफ का बोझ भी बढ़ा । इसके बारे म¤ मेरे साथ मनीष ितवारी जी भी बोल रहे थे । कल ही माननीय ÿधान मंýी जी ने कहा िक अगर दुिनया म¤ कहé युĦ होगा तो उसके पåरणाम हम¤ भी भुगतने पड़¤गे लेिकन हमारी अथªÓयवÖथा और हमारी सरकार हर वैिĵक झटके के बाद मजबूती से बाउंसबैक करके खड़ी हòई है । माननीय सभापित जी, आदरणीय ÿधानमंýी जी और माननीय िवÂत मंýी िनमªला सीतारमण जी के इसी कुशल नेतृÂव को देखकर म§ जयशंकर ÿसाद जी कì ÿिसĦ पंिĉयां सुनाना चाहता हóँ । "वह पथ ³या, पिथक कुशलता ³या, 24.03.2026 1200 िजस पथ पर िबखरे शूल न हŌ, नािवक कì धैयª कुशलता ³या, जब धाराएँ ÿितकूल न हŌ ।" माननीय सभापित जी, ÿितकूल धाराओं म¤ भी हमारी सरकार ने देश को फाÖटेÖट úोइंग इकोनॉमी बनाकर अपनी कुशलता सािबत कì है । महोदय, म§ सदन म¤ और अÆय सभी मंचŌ पर, माननीय ÿधानमंýी जी से ÿेåरत होकर नैचुरल फािम«ग पर हमेशा जोर देता हóँ । इसका कारण यह है िक ÿाकृितक खेती से फिटªलाइजर सिÊसडी का बोझ कम होगा और हम¤ हािनकारक रसायन मु³त भोजन भी िमलेगा, िजससे हम क§सर जैसी जानलेवा बीमाåरयŌ से दूर रह सकते ह§ । जब हम केिमकल फिटªलाइजसª पर िनभªर नहé हŌगे, तो िवदेशŌ म¤ होने युĦŌ और μलोबल सÈलाई चेन के झटकŌ से हमारे िकसान भी ÿभािवत नहé हŌगे । यह एक लांग टमª और सÖटेनेबल मॉडल है । िजस तरह से, खेती नैचुरल और सÖटेनेबल होनी चािहए, वैसे ही हमारे देश कì úोथ नैचुरल और सÖटेनेबल होनी चािहए । देश का िवकास िसफª जीडीपी के आंकड़Ō से नहé, बिÐक नागåरकŌ के कÐयाण और खुशहाली से जुड़ा होना चािहए। हम¤ फाटेÖट इकोनॉमी पर गवª होना चािहए, लेिकन हम¤ ³वािलटी ऑफ लाइफ पर भी उतना ही Åयान देने कì आवÔयकता है । माननीय सभापित जी, हम कैसा अÆन उगा रहे ह§, ³या खा रहे ह§, कैसी हवा म¤ सांस ले रहे ह§, कैसा पानी पी रहे ह§ और हमारे आस पास का इंĀाÖů³चर कैसा है, कैसा ůैिफक है, ये सब बहòत ही महÂवपूणª मुĥे ह§ । मुझे यह कहते हòए गवª होता है िक हमारे माननीय ÿधानमंýी जी िबÐकुल इसी िदशा म¤ आÂमिनभªर और िवकिसत भारत के संकÐप पर काम कर रहे ह§ । आज हमारे देश के अÆदर वÐडª ³लास हाइवेज़ ह§ । म§ आशा करता हóँ िक हम लोग जब भी उनके ऊपर ůैवल करते ह§, तो हम¤ बहòत गवª कì अनुभूित होती होगी । माननीय ÿधानमंýी जी ने लगातार Öवदेशी को बढ़ावा देकर भारत को दुिनया का बड़ा मैÆयूफै³चåरंग हब बनाया है । 24.03.2026 1201 महोदय, िजस तरह से ÿाकृितक खेती हमारे िकसानŌ को भारी झटकŌ से बचाती है, ठीक उसी तरह, आÂमिनभªर मॉडल यह सुिनिIJत कर रहा है िक भिवÕय म¤ िकसी भी μलोबल टरमॉइल या आिथªक संकट के समय हमारी अथªÓयवÖथा पूरी तरह से सुरि±त और आÂमिनभªर रहे । इन सभी मोचŎ पर सरकार ने बहòत अ¸छा काम िकया है । इस फाइन¤स िबल, 2026 म¤ ऐसे कई बेहतरीन ÿावधान ह§, जो सीधे जीवन Öतर को सुधारने का काम कर¤गे । महोदय, म§ अपने िवप± के सािथयŌ को बताना चाहóंगा िक फाइन¤स िबल म¤ सरकार ने हर वगª का Åयान रखा है । चूंिक हमारे कई सािथयŌ ने उनके बारे म¤ कहा है, इसिलए म§ उन बातŌ को दोहराना नहé चाहता हóँ । माननीय सभापित जी, इन सभी बेहतरीन ÿावधानŌ का Öवागत करते हòए, म§ राÕů-िनमाªण और टै³स åरफॉÌसª के िलए अपने कुछ सुझाव इस सदन के सम± रखना चाहता हóँ । अमेåरका कì तज़ª पर हमारे यहां भी पित-पÂनी को एक साथ टै³स फाइल करने यानी जॉइंट टै³स फाइिलंग का िवकÐप िमलना चािहए । इससे पåरवार का टै³स बड¥न कम होगा और कÌÈलायंस बढ़ेगा । महोदय, अब म§ टै³स िसÖटम से जुड़े एक बेहद महÂवपूणª िवषय- िलिटगेशन मैनेजम¤ट पर सरकार का Åयान आकिषªत करना चाहता हóँ । आज भी देश के अÆदर लाखŌ टै³स िववाद वषŎ तक िसÖटम म¤ लंिबत रहते ह§ । मेरा आúह है िक ‘िववाद से िवÔवास’ योजना को Öथायी बनाकर िसÖटम म¤ इंिÖटट्यूशनलाइज कर देना चािहए । इसके अलावा, अमेåरका, यूके और अÆय िवकिसत देशŌ कì तज़ª पर हमारे यहां भी टै³स के मामलŌ म¤ plea bargaining कì ÓयवÖथा लागू तो है, लेिकन यह ÿचिलत नहé है । इसे ÿचिलत करने कì आवÔयकता है तािक लÌबी कानूनी लड़ाई कì जगह मामलŌ को तेजी से और आपसी सहमित से सुलझाया जा सके और सरकार को अिधक राजÖव भी िमले । माननीय सभापित जी, म§ने आदरणीय िवÂत मंýी जी से भी पý िलखकर यह िनवेदन िकया था िक इनकम टै³स िवभाग Ĭारा भेजे जाने वाले नोिटसेज कì भाषा हमेशा सÌमानजनक, सरल और ÖपÕट होनी चािहए । हम¤ यह कभी नहé भूलना चािहए िक टै³सपेयर कोई अपराधी नहé है, बिÐक 24.03.2026 1202 इस राÕů के िनमाªण म¤ हमारा सबसे बड़ा पाटªनर है । वह इस देश का असली कमाऊ पूत है, जो िदन- रात मेहनत करके और åरÖक लेकर कमाई करता है । वह अपनी कमाई से भारत के िवकास का पिहया चलाता है, इसिलए हम¤ अपने देश के टै³सपेयसª के योगदान के ÿित पूरा सÌमान दशाªना चािहए । ... (Óयवधान) सभापित जी, म§ने अनुभव िकया है िक सैकड़Ō सरकारी योजनाएं एक साथ चलती ह§ । मेरा मानना है और म§ माननीय िव° मंýी जी को एक सुझाव भी देना चाहóंगा िक इसकì बजाय, ए³सůीम ÿाइवेटाइजेशन यानी सवाªिधक ÿाथिमकता के िसĦांत को अपनाकर सीिमत योजनाओं का चयन िकया जाए तथा उÆह¤ पयाªĮ फाइन¤स और ÿभावी िनगरानी के साथ लागू करना अिधक पåरणामदायक होगा । सभापित जी, िकसी भी राÕů कì अथªÓयवÖथा कì असली ताकत केवल उसके राजकोष म¤ नहé होती है, बिÐक उसके नागåरकŌ के आÂमिवĵास म¤ होती है । िव° िवधेयक उस वेÐथ िøएटर और पंिĉ म¤ खड़े अंितम Óयिĉ के बीच म¤ एक सेतु का काम करता है । मुझे पूरा िवĵास है िक मेरे तथा अÆय माननीय सांसदŌ Ĭारा जो सुझाव िदए गए ह§, उससे भारत का टै³स िसÖटम और बेहतर होगा । सभापित जी, म§ अपनी बात परम ®Ħेय भारत रÂन व पूवª ÿधानमंýी ®ी अटल िबहारी वाजपेयी जी कì इन पंिĉयŌ के साथ समाĮ करना चाहóंगा । “बाधाएं आती ह§ आएं, िघरे ÿलय कì घोर घटाएं, पावŌ के नीचे अंगारे, िसर पर बरस¤ यिद ºवालाएं, िनज हाथŌ म¤ हंसते-हंसते, आग लगाकर जलना होगा, कदम िमलाकर चलना होगा ।” 24.03.2026 1203 सभापित जी, जैसा िक कल माननीय ÿधानमंýी जी ने इस सदन म¤ कहा था िक हमारे िवचार अलग हो सकते ह§, हमारी नीितयां अलग हो सकती ह§, लेिकन जब राÕů िनमाªण कì बात हो, तब हम सबको एक साथ िमलकर ही काम करना होगा । आइए, हम सब कदम से कदम िमलाकर चल¤ । ... (Óयवधान) और भारत का िनमाªण कर¤ । हर भारतीय ितरंगे झंडे के नीचे सकाराÂमक वातावरण म¤ अपने सपनŌ का िवकिसत भारत बनाने म¤ अपना योगदान दे । म§ इस िव° िवधेयक, 2026 का पूणª łप से समथªन करता हóं । जय िहÆद । ®ी रामÿीत मंडल (झंझारपुर) : आदरणीय सभापित महोदय, आपने मुझे माननीय िव° मंýी ®ीमती िनमªला सीतारमण जी के Ĭारा ÿÖतुत िकए गए िव° िवधेयक, 2026 पर इस सदन म¤ हो रही चचाª म¤ भाग लेने का अवसर िदया है, उसके िलए म§ आपको बहòत-बहòत धÆयवाद देता हóं । म§ इस िवधेयक के समथªन म¤ कुछ बात¤ कहना चाहता हóं । महोदय, म§ मेरे राºय िबहार के कुछ मु´य िबंदुओं के बारे म¤ बोलना चाहता हóं । िबहार देश का सबसे िपछड़ा हòआ राºय है । यह अभी हाल ही म¤ नीित आयोग कì åरपोटª म¤ दशाªया गया है । िबहार म¤ कोई उīोग-धंधा नहé है । वहां कì अथªÓयवÖथा कृिष पर आधाåरत है । वहां के युवा रोजगार कì तलाश म¤ पलायन करने के िलए मजबूर ह§ । Öथानीय Öतर पर कोई रोजगार नहé है । मनरेगा के माÅयम से मजदूर के िलए कुछ काम िमल रहा था, लेिकन अब वह भी सीिमत हो चुका है । उनके सम± आिथªक संकट पैदा हो गया है । महोदय, म§ बहòत ही दुख के साथ कहना चाहता हóं िक िबहार म¤ 12 माचª से बेमौसम बाåरश हो रही है, िजससे िकसानŌ कì मेहनत एक झटके म¤ बबाªद हो गई है । रबी सीजन कì सभी फसल¤ खेतŌ म¤ नĶ हो गई ह§ । म³का, गेहóं, दलहन या सिÊजयां हŌ, सब कुछ नĶ हो गया है । िबहार कì मशहóर लीची और आम कì फसल¤ भी बबाªद हो गई ह§ । म§ इस िवकट पåरिÖथित म¤ केÆþ सरकार से हाथ जोड़कर िवनती करता हóं िक िबहार के िकसानŌ को अिवलंब आिथªक मुआवजा िदया जाए, तािक उनको मदद िमल सके । महोदय, माननीय िव° मंýी जी ने इस वषª कृिष ±ेý के िलए 1,30,561 करोड़ Łपये का 24.03.2026 1204 आवंटन िकया है, जोिक िपछले वषª कì तुलना म¤ 6.1 ÿितशत अिधक है । यह देश म¤ कृिष के िवकास के िलए काफì फायदेमंद होगा । माननीय िव° मंýी जी ने रेलवे के िलए करीब 3,02,000 करोड़ Łपये का आवंटन िकया है । इसम¤ िबहार म¤ रेल के िवकास के िलए 10,379 करोड़ Łपये आवंिटत हòए ह§ । इससे िबहार म¤ रेलवे के िवकास को बढ़ावा िमलेगा । वैसे तो िबहार म¤ करीब 100 ÿितशत िवīुतीकरण का कायª पूरा हो चुका है । वहां 98 रेलवे ÖटेशÆस पर िवकास कì योजनाएं चल रही ह§। वहां वÆदे भारत ůेन चलाई जा रही है, िकÆतु अभी भी िबहार के रेल यािýयŌ कì भीड़ को देखते हòए वहां के िलए अिधक रेलगािड़यŌ कì आवÔयकता है । इस पर िवचार होना चािहए । माननीय महोदय, िदनांक 01.12.2024 को माननीय िव° मंýी जी ने मेरे संसदीय ±ेý झंझारपुर म¤ ÿवास के दौरान मिहलाओं एवं úामीणŌ कì परेशानी को देखते हòए úामीण ±ेý म¤ दो नेशनल ब§क Öथािपत करने के िलए आĵासन िदया था, परÆतु, यह ÿÖताव अभी तक लंिबत है । सदन के माÅयम से माननीय िव° मंýी जी से मेरा िनवेदन है िक वे इस िदशा म¤ आवÔयक पहल करने कì कृपा कर¤ । आदरणीय महोदय, िबहार राºय को िपछड़ेपन से उबारने के िलए िबहार म¤ औīोगीकरण कì आवÔयकता पर म§ माननीय िव° मंýी जी का Åयान आकिषªत करना चाहता हóं । आप नॉथª-ईÖट, उ°राखंड, िहमाचल ÿदेश और जÌमू एवं कÔमीर कì तजª पर िबहार म¤ उīोगŌ कì Öथापना के िलए वही छूट दीिजए, जो आपने वहां दी है । आप िबहार पर एक बार भरोसा कìिजए । िबहार जÐद ही देश के अúणी राºयŌ म¤ आ जाएगा । िबहार वैसे भी देश के केÆþ म¤ है । यह ल§ड-लॉक राºय है । िबहार म¤ राजÖव के सीिमत संसाधन ह§ । िबहार को केÆþ सरकार से िवशेष मदद कì अित आवÔयकता है । औīोगीकरण से ही िबहार के युवाओं को रोजगार के अवसर ÿदान िकए जा सकते ह§ । िबहार के िवकास से देश का िवकास भी तेज गित से होगा और अिधक राजÖव कì ÿािĮ होगी । … (Óयवधान) महोदय, म§ माननीय िव° मंýी जी और माननीय रेल मंýी जी से यह आúह करना चाहता हóं िक वतªमान म¤ लौकहा बाजार से आनÆद िवहार टिमªनल के िलए गाड़ी सं´या 04013 एवं 04014 (लौकहा बाजार – आनंद िवहार टिमªनल Öपेशल ůेन) चल रही ह§, िजनका याýी भार काफì अ¸छा 24.03.2026 1205 है, लेिकन, Öपेशल ůेन के िनयिमत नहé होने के कारण समुिचत लाभ नहé िमल पा रहा है । इसिलए गाड़ी सं´या 04013 एवं 04014 (लौकहा बाजार – आनंद िवहार टिमªनल Öपेशल ůेन) को तÂकाल ÿभाव से िनयिमत िकया जाए । गाड़ी सं´या 12435 एवं 12436 (आनंद िवहार टिमªनल – जयनगर गरीब रथ ए³सÿेस) वतªमान म¤ सĮाह म¤ केवल दो िदन चलाई जा रही ह§ । उÆह¤ ÿितिदन चलाया जाए। झंझारपुर, घोघरडीहा एवं तमुåरया रेलवे Öटेशन पर जल जमाव कì समÖया है । उसका भी िनदान िकया है । आपका बहòत-बहòत धÆयवाद ।जय िहÆद, जय िबहार । ®ी पुÕप¤þ सरोज (कौशाÌबी) : सभापित महोदय, आपका धÆयवाद िक आपने मुझे इस फाइन¤स िबल पर बोलने का मौका िदया । म§ अपनी वाणी कì शुŁआत वषª 2019 से शुł करना चाहता हóं, जब गवनªम¤ट ने सबसे पहले कॉपōरेट टै³स को 30 ÿितशत से घटाकर 22 ÿितशत कर िदया था । इससे बड़ी कÌपिनयŌ को सालाना लगभग 1.5 लाख करोड़ Łपए का फायदा हो रहा है । सभापित महोदय, म§ यह बताना चाहता हóं िक गवनªम¤ट ने उस दौरान अपना कैिपटल ए³सप¤डीचर डबल कर िदया, लेिकन आज पैसा आम जनता से जीएसटी कले³शन और आम जनता के इनकम टै³स से आ रहा है । आज 65 ÿितशत कॉिÆůÊयूशन जीएसटी और इनकम टै³स से आता है और िसफª 28 ÿितशत कॉपōरेशन से आता है । वषª 2015 म¤ यही 62 ÿितशत था । आज पूरे इनकम टै³स का िसफª 28 ÿितशत कॉपōरेशन दे रहा है । आज वेजेस म¤ बढ़ो°री ज़ीरो है, बजट पांच सालŌ म¤ सबसे कम है और आम जनता पांच गुना ºयादा पसªनल लोन ले रही है । आज जनता िसफª अपने घर-बार को आगे बढ़ाने के िलए पैसा नहé ले रही है, बिÐक जनता दो वĉ कì रोटी खाने के िलए और ब¸चŌ कì पढ़ाई के िलए पसªनल लोन ले रही है । सभापित महोदय, म§ ÿधानमंýी जी इस बात का Öवागत करता हóं िक ĂĶाचार के िखलाफ कोई भी समझौता नहé होगा । लेिकन, जहां हम मनरेगा कì बात कर¤, तो उ°र ÿदेश को मनरेगा के तहत िकतना पैसा िमला, ³या सरकार यह ÖपĶ करेगी? ‘जल जीवन िमशन’ म¤ इतना बड़ा जो घोटाला चल रहा है और उ°र ÿदेश को िकतना पैसा िमला, ³या सरकार यह ÖपĶ करेगी? ‘नमािम गंगे’ का हजारŌ-लाखŌ करोड़ Łपये का इतना बड़ा सपना िदखाया गया । उसम¤ ³या ĂĶाचार हòआ? 24.03.2026 1206 उ°र ÿदेश को गंगा के िलए िकतना पैसा िमला, ³या सरकार यह ÖपĶ करेगी? महोदय, कॉपōरेट्स के 10 लाख करोड़ Łपये माफ कर िदए गए । देश िसफª भाषणŌ और असÂय वादŌ से नहé चलता है । हम¤ इÆह¤ Óयवहार म¤ लाना चािहए और अपने आचरण म¤ लाना चािहए। तब जाकर यह देश आगे बढ़ सकता है । महोदय, म§ यह कहना चाहता हóं िक िपछले कई दशकŌ से हमसे आÂमिनभªर भारत का िजø िकया गया । लेिकन, जब भी वैिĵक संकट आता है, चाहे भारत कì फिटªलाइजर सÈलाई हो या पेůोल-डीजल के दाम हŌ, वे तुरंत ÿभािवत हो जाते ह§ । यह एक गंभीर सवाल खड़ा करता है िक िजस आÂमिनभªर भारत का सपना िदखाया गया है, वह आिखर úाउंड पर कहां नज़र आता है? आज, जब अंतराªÕůीय युĦ जैसे हालात बन गए ह§ और एक बड़ा वैिÔवक संकट हमारे सामने खड़ा है, उसका सीधा असर आम जनता, मिहलाओं, नौजवानŌ और हमारे िकसानŌ पर आ रहा है । सर, म§ आपको एक उदाहरण देना चाहता हóं । अभी भी इंिडया 85 परस¤ट øूड ऑयल इÌपोटª करता है और 50 परस¤ट नैचुरल गैस इÌपोटª करता है । यह सरकार मिहलाओं को बहòत सपना िदखाती है । ये उººवला Öकìम कì बात करते ह§ । उººवला Öकìम म¤ जो िसल¤डसª बांटे गए, पहले तो मिहलाएं महंगे दामŌ के कारण िसल¤डसª भरवा भी नहé पा रही थé, इÆहŌने िसल¤डसª म¤ भी चोरी कर ली । 14 िकलो का िसल¤डर 10 िकलो का कर िदया । आज उÂतर ÿदेश कì वही मिहलाएं एलपीजी को ‘लापता गैस’ के नाम से पुकार रही ह§ । सर, इंिडया 75 परस¤ट इले³ůॉिनक कॉÌपोन¤ट्स इÌपोटª करता है । ये पीएम-कुसुम और पीएम सूयª घर योजना कì बात करते ह§ । 80 ÿितशत सोलर सैÐस हम इÌपोटª करते ह§, मैि³समम चाइना से इÌपोटª करते ह§, लेिकन सरकार इसका कोई जवाब नहé देती है । सर, िकसानŌ कì बात होती है । हम 70 ÿितशत तेल इÌपोटª करते ह§, अपने कÆजÌपशन कì 20 ÿितशत दाल हम इÌपोटª करते ह§ और फॉÖफेट और पोटैश जैसे 90 परस¤ट फिटªलाइज़सª हम अभी भी इÌपोटª करते ह§ । इंिडया और यूएस कì जो नई डील हòई है, िजसम¤ हमने किमट िकया है िक हम लगभग 500 िबिलयन का इÌपोटª कर¤गे, उसम¤ कृिष संसाधन, जीएमओ जैसे खतरनाक बीज 24.03.2026 1207 और सÖता कृिष उÂपाद जब इस देश म¤ आ जाएगा, तो इस देश का िकसान कहां जाएगा? सर, म§ आÔचयª करता हóं, कभी-कभार मुझे लगता है िक हम कहां बैठे ह§? म§ आता तो िदÐली म¤ हóं, लेिकन इस सदन म¤ आकर मुझे लगता है िक हम वॉिशंगटन म¤ बैठे ह§ । इस सरकार के Ĭारा जो नीितयां तय कì जा रही ह§, आज उनको देखकर हम¤ लगता है िक इनकì नीितयां िदÐली से नहé, वॉिशंगटन से तय हो रही ह§ । चाहे ऑयल पॉिलसी हो, चाहे िडफ¤स परचेजेज़ हŌ, चाहे ůेड के िडसीजÆस हŌ, ये अृमतकाल का सपना तो िदखाते ह§, लेिकन यह असली अंधकाल है । सर, बार-बार िवप± को यह िगनवाया जाता है िक हम सदन Öथिगत करवा देते ह§ । बार-बार यह बताया जाता है िक हर िदन सदन को चलाने का खचाª नौ करोड़ Łपये है । लेिकन ÿधानमंýी जी दस सालŌ म¤ 100 से ºयादा िवदेशी दौरे और 750 करोड़ Łपये से ºयादा जनता का पैसा खचª करके आ गए, लेिकन उन पर कोई सवाल नहé उठता है । सर, आज इंिडया कì फॉरेन पॉिलसी कहां है?
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In debate Ruling regarding Notices of Adjournment Motion
Manish TewariSession ls-18-s7Ruling regarding Notices of Adjournment MotionLok Sabha Proceedings